जानिए- पश्चिम बंगाल के IPS अधिकारी ने सुसाइड नोट में सीएम ममता को लेकर क्या लिखा है?
कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे और अब बीजेपी में शामिल हो चुके मुकुल राय ने दत्त की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है. टीएमसी ने सभी आरोपों को खारिज किया है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी इन दिनों बड़े विवाद में घिर गई हैं. पिछले हफ्ते कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी गौरव चंद्र दत्त ने सीएम ममता बनर्जी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने अपने सुसाईड नोट में लिखा है कि ममता बनर्जी ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया है. हालांकि राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इसे ‘निराधार’ आरोप करार दिया है.
छह पन्ने के सुसाईड नोट में IPS अधिकारी ने क्या लिखा है?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे छह पन्ने के पत्र में गौरव चंद्र दत्त ने कहा है, ‘’पदस्थापना के लिए ‘अनिवार्य रूप से प्रतीक्षारत’ रखकर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया गया.’’ वह पिछले साल सेवानिवृत्त हुए थे. इतना ही नहीं साल 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाए, ‘’मुख्यमंत्री के इशारे पर राज्य के विभिन्न संस्थानों ने ‘कपटपूर्ण तरीके से उनका उत्पीड़न’ किया.’’
बनर्जी को लिखे दत्त के पत्र में कहा गया है, ‘‘जिस तरह से मैने खुद को मौत की जो सजा दी है, उससे आपको मानसिक शांति, खुशी मिलेगी और इस कृत्य से आपके अंदर जो प्रतिक्रिया होगी उससे आप स्वच्छ बनेंगी और कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में दया और सहानुभूति की भावना जगेगी जो आज के समय में उनके अंदर नहीं है.’’
टीएमसी ने आरोपों को किया खारिज
बनर्जी से इस पर अभी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है, लेकिन राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने आरोपों का खंडन किया है. मलिक ने कहा, ‘यह बकवास है. इसमें कोई तथ्य नहीं है. हमें मामले में कोई रूचि नहीं है.’’
मुकुल राय ने की CBI जांच की मांग
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि दत्त की मौत के मामले में षड्यंत्र की बू आ रही है. उन्होंने मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए इसकी तुरंत जांच करने की मांग की. वहीं, कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे और अब बीजेपी में शामिल हो चुके मुकुल राय ने दत्त की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है.
गौरव चंद्र दत्त पर लगे थे कई आरोप
बता दें कि अधिकारी पर विगत में कई आरोप लगे थे. 2010 में ‘‘अधिकारी के अनुकूल आचरण नहीं करने’’ के लिए उन्हें नौ महीने तक निलंबित किया गया था. उस दौरान एक सिपाही की पत्नी ने आरोप लगाए थे कि अधिकारी की ‘‘यौन इच्छा’’ की पूर्ति नहीं करने के कारण वह उसके पति को परेशान कर रहे हैं. उन पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के लिए 2012 में भी अनुशासनिक कार्रवाई की गई थी.
यह भी पढ़ें-
शिखर सम्मेलन: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा बोले- PM मोदी हर रोज 8 लाख का डायमंड फेशियल कराते हैं
शिखर सम्मेलन 2019: पूर्व सेना प्रमुख बिक्रम सिंह ने कहा-...तो दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा पाकिस्तान
अयोध्या विवाद पर SC में कल सुनवाई, जानिए- इस केस को लेकर क्या-क्या हैं संभावनाएं
वीडियो देखें-
Source: IOCL

























