जयपुर बम ब्लास्ट: करीब 11 साल बाद आया फैसला, 72 लोगों की मौत के चार गुनाहगार
कोर्ट के सामने 5 आरोपियों को पेश किया गया था. जिसमें कोर्ट ने 4 आरोपियों को दोषी करार दिया.

जयपुर: ग्यारह साल पुराने जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट मामले में जयपुर की विशेष अदालत ने पांच में से चार आरोपियों को दोषी माना हैं जबकि पांचवे आरोपी शहबाज़ हुसैन को संदेह का लाभ देकर बरी किया हैं. ये चार आरोपी जिन्हें आई पी सी की धारा 302 समेत अन्य धाराओं में दोषी माना गया हैं.
- मोहम्मद सैफ उर्फ कैरीऑन - मोहम्मद सरवर आज़मी - मोहम्मद सलमान - सैफुर उर्फ सैफुर्रहमान अंसारी. अब इन चारों की सज़ा पर अदालत में गुरुवार को बहस होगी और इसी दिन फ़ैसला भी सम्भव हैं. - मोहम्मद सैफ उर्फ कैरीऑन को माणक चौक थाने में ब्लास्ट करने का दोषी - मोहम्मद सरवर आज़मी को चांदपोल हनुमान मंदिर में ब्लास्ट करने का दोषी - मोहम्मद सलमान सांगानेरी हनुमान मंदिर में ब्लास्ट करने का दोषी - सैफुर उर्फ सैफुर्रहमान अंसारी को फूलों के खंदे में ब्लास्ट करने का दोषी पाया गया 4 दिसम्बर 2012 को हुआ था विशेष अदालत का गठन अब तक 12 जज को हो चुकी है इस अदालत में पोस्टिंग 6 जजों नियमित पोस्टिंग, 6 जजों के पास रहा कार्यभार गठन के बाद जज चन्द्रशेखर आजाद को मिली पहली पोस्टिंग जज रोहिताश चंद्र रामधारी,जज दिगपाल शर्मा जज अनीता शर्मा, जज एलडी किराडू और जज अजय कुमार शर्मा प्रथम को मिली नियमित पोस्टिंग अजय कुमार शर्मा प्रथम, जिला एवं सैशन जज भरतपुर निवासी शर्मा का 18 जनवरी 1960 को हुआ जन्म LLB,LLM के बाद 8 फरवरी 1996 को बने जज 28 मई 2002 को सीनियर सिविल जज कैडर मिला. 21 अप्रेल 2010 को डिस्ट्रिक्ट एवं सैशन जज कैडर मिला. 6 अक्टूबर 2018 को बम ब्लास्ट कैसेज विशेष अदालत में पोस्टिंग 13 दिसम्बर 2019 को मिला डीजे सलेक्शन स्केल 15 दिसम्बर 2019 को मिला डीजे सुपर टाइम स्केल 31 जनवरी 2020 को होंगे डीजे पद से सेवानिवृतजयपुर में हुए बम ब्लास्ट का फैसला आ चुका है. स्पेशल कोर्ट ने 4 आरोपियों को दोषी करार दिया है. ये फैसला जज अजय कुमार शर्मा ने सुनाया है.
कोर्ट के सामने 5 आरोपियों को पेश किया गया था. जिसमें कोर्ट ने 4 आरोपियों को दोषी करार दिया. आपको बता दें कि जयपुर में 13 मई 2008 को 8 ब्लास्ट हुए थे. जिसके कारण पूरा जयपुर दहल उठा था. इस बम ब्लास्ट में 69 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं 186 लोग घायल हुए थे. वहीं बाद में कुछ घायलों की मौत की खबर आई. जिससे मृतकों की संख्या 72 से अधिक पहुंच गई. पुलिस ने मामले पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली और माणक चौक थाने 4-4 मामले दर्ज किए.
वहीं जांच एजेंसियों ने 8 मामलों में चार्जशीट पेश की थी. घटना को करीब 11 साल हो चुके हैं. मामले को लेकर अब तक अदालत में 1294 लोगों की गवाही हो चुकी है. वहीं सरकार की ओर से 1270 गवाह पेश किए गए. बचाव पक्ष की ओर से 24 गवाह जून में पेश किए गए थे. सभी पक्षों की गवाही जुलाई के अंतिम सप्ताह तक पेश की गयी थी. वहीं मामले का लिखित फैसला तैयार करने में करीब 6 महीने का समय लगा.
15 मिनट में हुए 8 धमाके
यह सीरियल ब्लास्ट 15 मिनट में 8 अलग-अलग जगहों पर हुए थे. पहला धमाका शाम 7 बजकर 10 मिनट पर चांदपोल हनुमान मंदिर के पास हुआ था. दूसरा धमाका सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के नजदीक हुआ था. इसके बाद बड़ी चौपड़, जोहरी बाजार, छोटी चौपड़ और तीन अन्य जगहों पर धमाके हुए थे. बम धामाके के बाद राज्य सरकार की सिफारिश के आधार पर हाई कोर्ट ने बम धमाकों से जुड़े केस की सुनवाई करने के लिए विशेष कोर्ट बनाई गई थी. इस मामले की सुनवाई पिछले महीने ही पूरी हो गई थी. सुनवाई पूरी होने के बाद जज ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था.
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