प्रशांत किशोर के पूर्व सहयोगी पर जगनमोहन रेड्डी की नजर, जानें कौन हैं कपिल साहू ?
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सत्ता से बेदखली के बाद से अब वापसी की कोशिशों में जुट गए हैं. ऐसे में पार्टी के रणनीतिकार के तौर पर जो नाम सामने आ रहा है, उसमें कपिल साहू का नाम प्रमुख है.

आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी YSR (युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी) 2029 के आम चुनावों के लिए राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर कपिल साहू को मुख्य कैंपेन स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर शामिल कर सकती है. इस पार्टी के प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री YS जगन मोहन रेड्डी हैं. साहू I-PAC को फाउंडर डायरेक्टर प्रशांत किशोर के पूर्व सहयोगी रहे हैं.
कपिल को तमिल एक्टर से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम की प्रचार प्रसार की रणनीति में अहम रोल निभाने और हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में उन्हें सत्ता में लाने में मदद करने का श्रेय दिया जाता है. पार्टी के सीनियर पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि जगन ने कुछ हफ्ते पहले आंध्र प्रदेश में अगले चुनावों की स्ट्रैटेजी बनाने के लिए साहू के साथ शुरुआती बातचीत की थी.
नाम फाइनल नहीं, लेकिन साहू से काफी प्रभावित हैं जगनमोहन
पार्टी प्रदाधिकारी ने बताया कि असल में जगन ने न सिर्फ साहू के साथ बल्कि कुछ अन्य पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट के साथ भी बातचीत की थी. उन्होंने उनसे संपर्क किया था. उन्होंने अभी तक किसी को फाइनल नहीं किया है. वह साहू के शुरुआती प्रेजेंटेशन से काफी प्रभावित थे. उन्होंने अभी तक अपने मन की बात जाहिर नहीं की है.
साहू ने पहले 2024 तक I-PAC के साथ काम किया था. इसके बाद वह 12 लोगों की टीम के साथ इस कंपनी से अलग हो गए थे. उन्होंने अपनी खुद की पॉलिटिकल कंसल्टिंग टीम बनाई थी. माना जाता है कि आईपैक छोड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली और सिक्किम में कई राजनीतिक संगठनों के साथ काम किया. पार्टी नेताओं ने उनके बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि विजय की टीवीके के साथ उनके जुड़ाव ने उन्हें पॉलिटिकल स्ट्रैटजी के हलकों में ज्यादा ध्यान आकर्षित करने में मदद की है. साहू की टीम ने डिजिटल आउटरीच, कैंपेन मैसेजिंग और पब्लिक एंगेजमेंट पहलों पर काम किया है. इनका मकसद अलग-अलग वर्गों के वोटर्स के बीच विजय की अपील को बढ़ाना था.
IPAC के साथ दो अलग-अलग चुनावी एक्सपेरिमेंट कर चुके जगनमोहन
जगन ने अबतक IPAC के साथ दो अलग-अलग लीडरशिप के तहत एक्सपेरिमेंट किए हैं. रेड्डी की मदद 2019 के चुनावों में प्रशांत किशोर ने की थी. उनकी इनोवेटिव कैंपेन स्ट्रैटेजी और जगन की पदयात्रा की डिजाइन ने YSRCP को आंध्रप्रदेश में जबरदस्त जीत के साथ सत्ता में आने में मदद की थी. इसमें पार्टी ने 175 सीटों में से 151 सीटें जीती थीं.
प्रशांत किशोर के I-PAC से अलग हो जाने के बाद इसकी कमान ऋषिराज सिंह ने संभाली थी. 2024 के विधानसभा चुनावों के लिए जगन के साथ काम करना जारी रखा. सिंह और उनकी टीम राज्य प्रशासन, खासकर गांव और वार्ड सचिवालय सिस्टम के कामकाज की देखरेख में लगी हुई थी. पार्टी के अंदर आरोप थे कि सिंह ने संगठन ने कामकाज पर लगभग पूरा कब्जा कर लिया था. वह कैंडिडेट के सिलेक्शन में भी अहम भूमिका निभा रहे थे. लेकिन YSRCP को दोबारा सत्ता में नहीं ला सके. ऐसे में अब पार्टी के अंदर साहू को शामिल करने की संभावना को 2029 से पहले चुनावी मशीनरी को मजबूत करने और लंबी अवधि की राजनीतिक रणनीति बनाने की एक और कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.






















