गृहमंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे के क्या हैं सियासी मायने ? सुरक्षा को लेकर एजेंसियों ने भी कसी कमर
बीजेपी बंगाल में लगातार सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाती रही है. नड्डा के काफिले की घटना ने बीजेपी को और भी आक्रामक कर दियाा है. बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं की हत्या और कानून व्यसस्था के मुद्दे पर मैदान में उतरी है तो इसके जवाब में ममता बनर्जी ने 'बाहरी' का सिक्का उछाल दिया.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अभी कम से कम से पांच-छह महीने का वक्त है लेकिन अभी से राज्य का सियासी पारा चढ़ना शुरू हो गया है. गृहमंत्री अमित शाह 19 और 20 दिसंबर को दो दिन के बंगाल दौरे पर जा रहे हैं. हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर हमले के बाद गृहमंत्री का दौरा बेहद अहम हो गया. जानकारी के मुताबिक अमित शाह अब चुनाव तक हर महीने दो दिन बंगाल दौरे पर रहेंगे, जिसकी शुरुआत 19 तारीख से होने जा रही है.
नड्डा की सुरक्षा में ढील पर बंगाल में ममता बनर्जी को घेरेंगे शाह गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिन के बंगाल दौरे पर राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर ममता सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेंगे. बीजेपी बंगाल में लगातार सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाती रही है. नड्डा के काफिले की घटना ने बीजेपी को और भी आक्रामक कर दियाा है. इसका असर अमित शाह के बंगाल दौर पर देखने को मिल सकता है. हमले के बाद अधिकारियों पर हक की लड़ाई को लेकर राज्य और केंद्र आमने सामने दिखे थे. नड्डा की सुरक्षा में लापरवाही पर गृह मंत्रालय ने डीजीपी और मुख्य सचिव समेत पश्चिम बंगाल के पांच अधिकारियों को दिल्ली तलब किया था. इनमें से तीन अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने निर्देश भेजे गए थे. लेकिन ममता सरकार ने इन पांचों अधिकारियों को दिल्ली भेजने से साफ तौर पर मना कर दिया है. पहले तीन अधिकारी दिल्ली नहीं आए और अब बाकी के बचे दो अधिकारियों भी दिल्ली में पेश नहीं हुए.
ममता बनर्जी के 'बाहरी' वाले हमले का जवाब भी दे सकते हैं गृह मंत्री बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं की हत्या और कानून व्यसस्था के मुद्दे पर मैदान में उतरी है तो इसके जवाब में ममता बनर्जी ने 'बाहरी' का सिक्का उछाल दिया. ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के लोग हिंसा नहीं कर रहे, बाहर से आने वाले बीजेपी के लोग ही हिंसा फैला रहे हैं. मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कहा कि बीजेपी के लोग ही अपने लोगों पर हमले करवा रहे हैं और टीएमसी को बदनाम कर रहे हैं. ममता बनर्जी के हमले के जवाब में बीजेपी ने कहा कि राज्य के एंबेस्डर शाहरुख खान और प्रशांत किशोर अब बंगाल के हो गए हैं? माना जा रहा है कि बंगाल दौरे पर अमित शाह इस मुद्दे पर सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर ले सकते हैं.
अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं शुभेंदु अधिकारी बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. लेकिन हाल के दिनों में उन्होंने ऐसी हलच मचाई है कि सारा देश उन्हें जान गया है. उन्होंने 27 नवंबर को पार्टी से इस्तीफा दिया और कल फिर विधायक पद भी छोड़ दिया. संभावना जताई जा रही है कि अमित शाह के 19-20 दिसंबर के दौरे पर अधिकारी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो यह ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ा झटका होगा. बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी का राइट हैंड माना जाता है, बंगाल मंत्रिमंडल में उनके पास तीन तीन विभाग थे.
शुभेंदु गए तो टीएमसी में पड़ेगी और फूट, बीजेपी को फायदा अमित शाह के दौरे को दौरान अगर शुभेंदु बीजेपी का दामन थामने हैं तो यग टीएमसी के लिए जोरदार झटका होगा. अधिकारी ने विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद टीएम के कुछ असंतुष्ट नेताओं से मुलाकात की थी. इनमें वरिष्ठ सांसद सुनील मंडल और आसनसोल नगर निगम के प्रमुख जितेन्द्र तिवारी समेत कुछ और भी नेता शामिल हैं. माना जा रहा है कि अगर शुभेंदु बीजेपी के साथ गए तो उनके साथ यह असंतुष्ट नेताओं का धड़ा भी टीएमसी से अलग हो सकता है. वहीं इस पूरे मामले पर टीएमसी ऐसा बर्ताव कर रही है जैसे उसे कोई असर ही नहीं पड़ता. टीएमसी के नेताओं का कहना है कि जिसे जाना हो जाए. ममता बनर्जी ने तो बागियों को निशाने पर लेते हुए कहा ऐसे लोग कभी वफादार नहीं बन पाते हैं, जो पार्टी की सफलता से खुद को लाभ पहुंचाते हैं। लेकिन समय आने पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ हो जाते हैं.
सुरक्षा को लेकर एजेंसियों ने कसी कमर, चूक की गुंजाइश नहीं जेपी नड्डा और कैलाश विजयवर्गीय पर हुए हमले से सबक लेते हुए अमित शाह के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों चौकस हो गईं हैं. गृहमंत्री अमित शाह के सुरक्षा घेरे को पहले और भी ज्यादा मजबूत किया जा रहा है. गृहमंत्री के नजदीकी और बाहरी सुरक्षा घेरे में पहले के मुकाबले जवानों की संख्या बढ़ाई जा रही है. गृहमंत्री की सुरक्षा का बड़ा हिसा केंद्रीय सुरक्षाबलों के जिम्मे होगा. रोड शो और जनसभा के दौरान आने वाले लोगों की सघन तलाशी ली जाएगी. सिविल ड्रेस में भी सुरक्षाबलों के जवान भीड़ के बीच में मौजूद रहेंगे.
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