Delhi Excise Policy Case: शराब नीति घोटाला मामले में ED फिर एक्शन में, दिल्ली में 25 ठिकानों पर चलाया सर्च ऑपरेशन
ED Raids: ईडी का सर्च ऑपरेशन दिल्ली में कई बड़े शराब कारोबारियों के आवास और अन्य ठिकानों पर चलाया गया है.

ED Raids in Delhi Excise Policy Case: दिल्ली सरकार (Delhi Govt) की 2021-22 की आबकारी नीति (Delhi Excise Policy) के तहत अंजाम दिए गए कथित घोटाले (Scam) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (14 अक्टूबर) को फिर से छापेमारी की. पीटीआई के मुताबिक, धन शोधन (Money Laundering) संबंधी जांच के तहत ईडी के अधिकारियों ने राजधानी दिल्ली (Delhi) में कम से कम 25 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन (Search Operation) चलाया. यह सर्च ऑपरेशन दिल्ली के कई बड़े शराब कारोबारियों के आवास और अन्य ठिकानों पर चलाया गया.
घोटाले के आरोप लगने के बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार (AAP Govt) ने आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले लिया था. अधिकारियों के मुताबिक, जिन परिसरों की तलाशी ली गई है, वे शराब के व्यापार और वितरण से जुड़े निजी प्रतिष्ठान हैं. ईडी इस मामले में अब तक कई स्थानों पर छापे मार चुकी है और उसने शराब कारोबारी और शराब बनाने वाली कंपनी ‘इंडोस्पिरिट’ के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू को पिछले महीने गिरफ्तार किया था.
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी हैं मामले में आरोपी
धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज की गई उस एफआईआर से संबंधित है, जिसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य को आरोपी बनाया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई जांच कराए जाने की सिफारिश की थी. उपराज्यपाल ने इस मामले में 11 आबकारी अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया था. इसी के बाद से यह योजना जांच के दायरे में है.
ईडी इस मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक और तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछताछ कर चुकी है. वहीं, सीबीआई ने भी मामले में कई लोगों से पूछताछ की और कारोबारी विजय नैयर को गिरफ्तार किया.
दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट में किया गया था घोटाले का जिक्र
इसी साल जुलाई में दिल्ली के मुख्य सचिव ने आबकारी नीति मामले में कथित घोटाले संबंधी रिपोर्ट उपराज्यपाल वीके सक्सेना का सौंपी थी. इसके बाद दिल्ली के एलजी ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट में कहा गया था की प्रथम दृष्टया राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम 1991, व्यापार नियमों का लेनदेन (टीओबीआर)-1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010 में उल्लंघन पाया गया है.
सीएम अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर निशाना
ईडी की ओर से मामले में कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का बचाव करते हुए जांच एजेंसी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था. सीएम केजरीवाल ने कहा था कि सिसोदिया के खिलाफ सबूत खोजने के लिए केंद्रीय एजेंसियों ने छापे मारे लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला. सीएम केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि ईडी और सीबीआई के सैकड़ों अधिकारियों का समय गंदी राजनीति के लिए बर्बाद किया जा रहा है.
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