कोरोना वायरस: संदिग्ध लोगों को चाहिए लग्जरी-रिट्रीट, सेना के मानेसर कोरांटीन फैसिलिटी में किया हंगामा
इटली से लाए गए 74 भारतीयों और 9 पीआईओ के इस ग्रुप को सेना ने किया साफ, इमरजेंसी प्रबंधन है, नहीं मिलेगी लग्जरी.प्रतिदिन साढ़े तीन लाख रूपये और 60 सैन्य डॉक्टर्स और सैनिक तैनात रहते हैं मानेसर के इस आईसोलेशन सेंटर में.

हरियाणा: जहां एक तरफ सरकार और सेनाएं कोरोना वायरस से युद्ध-स्तर पर लड़ रही हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें कोरांटीन-फैसिलिटी तक में ऐशो-आराम की जरूरत है. एक ऐसी ही घटना थलसेना के मानेसर स्थित आइसोलेशन सेंटर में देखने को मिली, जब इटली से लाए गए संदिग्ध भारतीयों ने वहां पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, उन लोगों को वहां पर 'लग्जरी-रिट्रीट' चाहिए था. हालांकि बाद में सेना के अधिकारियों ने समझा-बुझाकर कोरांटीन सेंटर में भर्ती कर लिया.
सूत्रों के मुताबित, एयर इंडिया का जो विमान बुधवार को कुल 83 लोगों को कोरोना वायरस के चलते भारत लेकर पहुंचा था, उन्हें एयरपोर्ट से सीधे सेना के गुरूग्राम स्थित मानेसर की कोरांटीन (क्वारंटाइन) फैसिलिटी ले जाया गया था. लेकिन इन लोगों ने बस से उतरने से मना कर दिया और सेना के कैंप की जगह किसी लग्जरी-रिट्रीट में ले जाने की जिद बांध ली. स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस तक को बुलाना पड़ा. इस ग्रुप में 74 भारतीय हैं (40 पुरूष, 25 महिलाएं और 16 बच्चे) और 09 पीओआई यानि पीपुल ऑफ इंडियन ऑरिजन. इन पीओआई में छह इटली से हैं और तीन अमेरिकी नागरिक हैं.
जानकारी के मुताबिक, इटली के इस ग्रुप में से कुछ लोग सिंगल कमरे में रहने की मांग करने लगे. कुछ ने अपनी कुछ अलग स्पेशल डिमांड रखी, लेकिन सेना ने साफ कर दिया कि ये इमरजेंसी में तैयार की गई फैसिलिटी है और उनकी विशेष मांगों को नहीं माना जाएगा. इसके बाद ही ये लोग कोरांटीन फैसिलिटी में भर्ती होने के लिए तैयार हुए.
आपको बता दें कि चीन के बाद कोराना वायरस का कहर कहीं हुआ है तो वो इटली ही है, जहां अब तक इस महामारी से करीब 900 लोगों की मौत हो चुकी है.
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना प्रतिदिन करीब साढ़े तीन लाख रूपये इस मानेसर स्थित आईसोलेशन सेंटर पर खर्च करती है. दिन रात यहां पर सेना के 60 डॉक्टर, पैरामैडिक-स्टाफ और दूसरे कर्मी तैनात रहते हैं. इस फैसिलिटी को आनन-फानन में खड़ा किया गया था, जब चीन के वुहान से भारतीयों को लाया गया था. उस वक्त उन भारतीयों के लिए सिविल-एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से इतनी जल्दी कोई कोरांटीन फैसिलिटी नहीं तैयार की गई थी. थलसेना के अलावा आईटीबीपी ने राजधानी दिल्ली के छावला में दूसरी कोरांटीन फैसिलिटी तैयार की थी. इसीलिए यहां पर बैरक (कमरों) से लेकर. बिस्तर, मैस सभी कुछ अस्थायी है.
इस कोरांटीन सेंटर को छह सेक्टर में बांटा गया है, जिसमें हरेक सेक्टर में 50 लोगों को रखने की व्यवस्था है. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए एक दूसरे सेक्टर के लोगों को आपस में मिलने जुलने नहीं दिया जाता है. हालांकि यहां रखे गए 'डिटेनीस' के लिए टीवी से लेकर कैरमबोर्ड और टेबिल-टेनिल खेलने तक के इंतजाम किए गए हैं. यहां पर विदेश से लाए सभी संदिग्धों को 14 दिनों तक कोरांटीन किया जाता है. इस दौरान उनका लगातार मेडिकल चेकअप होता है और कम से कम दो बार कोराना वायरस को टेस्ट किया जाता है. दोनों टेस्ट में निगेटिव आने पर ही उन्हें वापस उनके घर जाने की इजाजत मिलती है.
इस बीच सेना ने कोरोना वायरस को लेकर और कमर कस ली है. भारतीय सेना के प्रवक्ता, कर्नल अमन आनंद के मुताबिक, इस वक्त थलसेना और वायुसेना के दो कोरांटीन सेंटर चल रहे हैं. एक मानेसर में है, जिसमें अबतक 455 लोगों को रखा जा चुका है. 248 जो चीन के वुहान से लाए गए थे और 124 जापान से लाए गए थे, जो डायमंड-प्रिंसेज जहाज में थे. वुहान और जापान से लाए गए सभी संदिग्ध लोगों को 14 दिन तक यहां रखने के बाद उनके घर वापस भेज दिया गया था.
कर्नल अमन आनंद के मुताबिक, इसके अलावा वायुसेना के हिंडन एयरबेस पर भी एक कोरांटीन फैसिलिटी में ईरान से लाए गए 57 भारतीयों को रखा गया है. ये सभी लद्दाख के रहने वाले हैं और ईरान में तीर्थ यात्रा पर गए थे. वहां से वायुसेना का सी17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट ही उन्हें वापस लाया था.
थलेसना के प्रवक्ता ने एबीपी न्यूज को बताया कि इन दोनों आईसोलेशन सेंटर के अलावा चेन्नई, कोलकता, सिंकदाराबाद ( हैदाराबाद), देवलाली और राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर और सूरतगढ़ में कोरांटीन फैसिलिटी सेना ने तैयार कर ली हैं ताकि विदेश से लाए गए संदिग्ध लोगों को यहां कोरांटीन किया जा सके.
ये भी पढ़ें Coronavirus: कश्मीर में हैंड सैनिटाइज़र में अल्कोहल की जगह थिनर का हो रहा था इस्तेमाल, ड्रग कंट्रोल विभाग ने मारा छापामहाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष अपने विधानसभा क्षेत्र के लिये मुफ्त में बांट रहे हैं मास्क और सैनिटाइजर
























