छत्तीसगढ़: सीएम भूपेश बघेल मंत्रिमंडल का विस्तार, नौ विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, यहां देखें पूरी लिस्ट
राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आज विधायक रविन्द्र चौबे, प्रेमसाय सिंह टेकाम, मोहम्मद अकबर, कवासी लखमा, शिव कुमार डहरिया, महिला विधायक अनिला भेंडिया, जयसिंह अग्रवाल, गुरू रूद्र कुमार और उमेश पटेल ने मंत्री पद की शपथ ली.

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और उसमें नौ मंत्रियों को शामिल किया. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नौ विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई. राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आज विधायक रविन्द्र चौबे, प्रेमसाय सिंह टेकाम, मोहम्मद अकबर, कवासी लखमा, शिव कुमार डहरिया, महिला विधायक अनिला भेंडिया, जयसिंह अग्रवाल, गुरू रूद्र कुमार और उमेश पटेल ने मंत्री पद की शपथ ली. सभी ने हिंदी में पद और गोपनीयता की शपथ ली.
रविंद्र चौबे बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र चौबे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. वह साल 2008 से 2013 के बीच रमन सिंह सरकार के दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मंत्रिमंडल के सदस्य रह चुके चौबे, भूपेश मंत्रिमंडल में एकमात्र ब्राम्हण सदस्य हैं. चौबे सातवीं बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
प्रेमसाय सिंह टेकाम प्रेमसाय सिंह टेकाम सरगुजा क्षेत्र की प्रतापपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. इस विधानसभा चुनाव में गृह मंत्री रहे रामसेवक पैकरा को हराने वाले वरिष्ठ आदिवासी नेता टेकाम पूर्व में भी मंत्री रहे हैं. वह छठवीं बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
मोहम्मद अकबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अकबर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह नगर कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. इस चुनाव में सबसे अधिक अंतर से जीत हासिल करने वाले अकबर जोगी मंत्रिमंडल के भी सदस्य रहे हैं. वह भूपेश बघेल मंत्रिमंडल के एकमात्र अल्पसंख्यक चेहरा हैं और चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
कवासी लखमा कवासी लखमा नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र की कोंटा विधानसभा सीट से विधायक हैं. वरिष्ठ आदिवासी नेता लखमा पूर्व विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उप नेता रहे हैं. वह पांचवी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
शिव कुमार डहरिया शिव कुमार डहरिया अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष डहरिया आरंग विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
अनिला भेड़िया अनिला भेड़िया अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित डौंडी लोहारा सीट से विधायक हैं. वह मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला सदस्य हैं. भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी रविंद्र भेड़िया की पत्नी अनिला भेड़िया दूसरी बार विधानसभा के लिए चुनी गई हैं.
जयसिंह अग्रवाल जयसिंह अग्रवाल कोरबा विधानसभा सीट से विधायक हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अग्रवाल ने इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी सांसद बंशीलाल महतो के पुत्र विकास महतो को हराया है. वह तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
गुरू रूद्र कुमार गुरू रूद्र कुमार सतनामी समाज के गुरू परिवार से संबंध रखते हैं. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अहिवारा सीट से विधायक रूद्र कुमार दूसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं.
उमेश पटेल रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमेश पटेल पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के पुत्र हैं. नंद कुमार पटेल की साल 2013 में झीरम घाटी हमले में मृत्यु हुई थी. उमेश पटेल ने कलेक्टर की नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी को हराया है. दूसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए 34 साल के उमेश पटेल बघेल मंत्रिमंडल के सबसे कम उम्र के सदस्य हैं.
राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भूपेश बघेल ने इस महीने की 17 तारीख को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इस दौरान दो वरिष्ठ नेताओं अंबिकापुर सीट से विधायक टीएस सिंहदेव और दुर्ग ग्रामीण सीट से विधायक ताम्रध्वज साहू ने मंत्री पद की शपथ ली थी. 69 साल के ताम्रध्वज साहू इस मंत्रिमंडल के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं.
सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नए मंत्रियों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि बघेल ने साफ किया था कि उनके मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और अनुभवी विधायकों को जगह दी जाएगी. यही कारण है कि पहली बार चुने गए विधायकों को इसमें जगह नहीं दी गई है.
छत्तीसगढ़ में, मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 13 सदस्य हो सकते हैं. आज नौ विधायकों द्वारा मंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह संख्या 12 हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, जल्द ही 13 वें सदस्य का फैसला किया जाएगा. राज्य के सत्ताधारी दल कांग्रेस ने मंत्रिमंडल विस्तार का स्वागत करते हुए इसे एक संतुलित मंत्रिमंडल बताया जिसमें सभी को स्थान दिया गया है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस को अभूतपूर्व जनादेश मिला है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए मंत्रिमंडल का गठन आसान नहीं था. कई अनुभवी विधायक हैं. सभी लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है. इस चुनौती का बघेल ने बखूबी सामना किया और संतुलित मंत्रिमंडल का गठन किया है जिसका प्रदेश में व्यापक स्वागत किया जा रहा है.
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त्रिवेदी ने कहा है कि इस मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली है. लेकिन कांग्रेस सभी का समुचित उपयोग करेगी और सभी का सम्मान होगा. हमें लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करना है, यह बड़ा लक्ष्य है. वहीं मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने कहा है मंत्रिमंडल विस्तार से ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री अपने हाथ में रिमोट रखना चाह रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटों पर, बीजेपी ने 15 सीटों पर और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन ने सात सीटें जीती हैं. मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
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