भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जन्मी पार्टी के नंबर-2 नेता के घर पहुंची सीबीआई, AAP की इमेज पर क्या होगा असर?
CBI Raids in Excise Policy Case: सीबीआई ने आबकारी घोटाला मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर छापा मारा, क्या इससे 'आप' की भ्रष्टाचार विरोधी पार्टी की छवि प्रभावित होगी?

CBI Raid Affects AAP Anti Corruption Image: 2011 में समाजसेवी अन्ना हजारे (Anna Hazare) को चेहरा बनाकर देश में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन इंडिया अगेंस्ट करप्शन (India Against Corruption) चलाया गया, जिसे अन्ना हजारे आंदोलन (Anna Hazare Andolan) भी कहा गया. भ्रष्टाचार के खिलाफ इस आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) अब खुद करप्शन के आरोप झेल रही है. आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sidodia) आबकारी घोटाले (Excise Scam) के आरोप में सीबीआई (CBI) की छापेमारी का सामना कर रहे हैं. इससे यह सवाल मौंजू हो गया है कि क्या भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जन्मी पार्टी आप (AAP) की छवि प्रभावित होगी?
राजधानी दिल्ली में केजरीवाल सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य के मॉडल ने दुनिया के कई देशों का ध्यान आकर्षित किया है. उनकी सरकार के काम अक्सर विदेशी मीडिया के अखबारों की सुर्खियां बटोरते हैं. हाल में न्यूयॉर्क टाइम्स ने दिल्ली के स्कूलों की तारीफ में लंबा चौड़ा लेख प्रकाशित किया लेकिन केजरीवाल सरकार अपने ही देश में घिरी हुई है. हालांकि, यहां सवाल शिक्षा का नहीं है, नशे का है. नशे के लिए जरूरी शराब को लेकर केजरीवाल सरकार की नीतियों पर सवाल है. केजरीवाल सरकार नई शराब नीति लेकर आई, जिसे लेकर पूरा हंगामा मचा. उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच तक की सिफारिश कर दी.
मोदी सरकार विरोधियों के खिलाफ करती है एजेंसी का इस्तेमाल?
केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में घोटाले की बू आ रही है. हालांकि, ये बात किसी से छुपी नहीं है कि मोदी सरकार अपने विरोधियों को चुप कराने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का खुलकर इस्तेमाल करती है. एक ताजा रिपोर्ट से भी खुलासा हुआ कि बीते सालों में कैसे केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल बढ़ चढ़कर हुआ है लेकिन जब इल्जाम लग जाए तो सफाई अदालत में ही दी जा सकती है. हालांकि, फिलहाल सीबीआई छापा पड़ने पर मनीष सिसोदिया ट्विटर पर सफाई दे रहे हैं, कह रहे हैं कि वह कट्टर ईमारदार है. सवाल यह भी है कि आखिर ईमानदार और कट्टर ईमानदार में क्या फर्क होता है, खैर, मनीष सिसोदिया ने ट्वीट में लिखा, ''सीबीआई आई है. उनका स्वागत है. हम कट्टर ईमानदार हैं . लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं. बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है. इसीलिए हमारा देश अभी तक नम्बर-1 नहीं बन पाया.''
सिसोदिया के घर छापे पर केजरीवाल का पलटवार
आप की साख का सवाल सबसे ज्यादा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर है क्योंकि वह पार्टी के संयोजक हैं. 2011 में आमरण अनशन करते-करते मरने की नौबत आ गई थी, फिर तय हुआ सत्ता में आकर लड़ेंगे. जनता को भी लगा कि कैसा होगा अगर एक एक्टिविस्ट सीएम बन जाए. लोग कुछ करिश्माई अंजाम की उम्मीद कर रहे थे लेकिन केजरीवाल ने अब तक के शासन से बता दिया है कि वह किसी खांटी और घाघ राजनीतिज्ञ से कम नहीं है. सिसोदिया के घर सीबीआई की छापेमारी पर केजरीवाल ने भी पलटवार किया है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा, ''जिस दिन अमेरिका के सबसे बड़े अख़बार NYT के फ्रंट पेज पर दिल्ली शिक्षा मॉडल की तारीफ और मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी, उसी दिन मनीष के घर केंद्र ने सीबीआई भेजी. सीबीआई का स्वागत है. पूरा कोऑपरेट करेंगे. पहले भी कई जांच, रेड हुईं, कुछ नहीं निकला, अब भी कुछ नहीं निकलेगा.''
क्या है आबकारी घोटाला मामला?
सीबीआईं दिल्ली में 21 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. भ्रष्टाचार गंध सूंघते-सूंघते वह मनीष सिसोधिया के घर पहुंच गई. दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना ने इस छापेमारी की सिफारिश की थी. दरअसल, 8 जुलाई को एलजी को एक रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे. आरोपों के मुताबिक, नई आबकारी नीति से दिल्ली एक्साइज एक्ट और दिल्ली एक्साइज रूल्स का उल्लंघन हुआ. शराब बेचने वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. आबकारी मंत्री के तौर पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रावधानों की अनदेखी की. आबकारी नीति के विरुद्ध जाकर शराब निर्माता कम्पनी को शराब बेचने के ठेके दिए गए, जबकि शराब निर्माता और सप्लायर कंपनी को शराब बेचने के ठेके नहीं दिए जा सकते हैं. एक शराब ठेकेदार को शराब दुकान नहीं मिलने के बाद 30 करोड़ रुपये लौटा दिए गए, जबकि नियम के मुताबिक यह राशि सरकारी खजाने में जानी चाहिए थी.
भ्रष्टाचार के आरोपों से पार्टी को कैसे बचाएंगे केजरीवाल
मनीष सिसोदिया पर सीबीआई छापेमारी का चाबुक तब चला है जब सीएम केजरीवाल ने भारत को नंबर एक बनाने की मुहिम शुरू की है. केजरीवाल ने विरोधी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मेक इंडिया नंबर वन मुहिम शुरू किया. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इन पार्टियों पर फिर से भरोसा किया तो देश 75 साल फिर पीछे चला जाएगा. केजरीवाल ने यह बात तब कही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले से देश के अगले पच्चीस साल की तस्वीर खींच दी है. उन्होंने अपने भाषण में युवाओं से आह्वान करते हुए कहा था कि जब आजादी के सौ साल पूरे हों तब भारत की गिनती विकसित देश के तौर पर होनी चाहिए. अगले पच्चीस वर्ष को उन्होंने 'अमृत काल' नाम दिया. पीएम ने भी देश को पीछे धकेलने के लिए कांग्रेस और अन्य दलों पर आरोप लगाया. केजरीवाल भी कुछ ऐसा ही आरोप लगा रहे हैं, आखिर, आम चुनाव जो पास में हैं. 2024 में लोक सभा चुनाव होने है. केजरीवाल वैसे ही मोदी और बीजेपी के खिलाफ तीखे शब्दवाण छोड़ने के लिए जाने जाते हैं. केजरीवाल ने अपने भाषण की कला से जनता को खूब रिझाया है. अरविंद केजरीवाल वो नाम हैं, जिन्होंने देश में सूचना का अधिकार कानून बनाने के लिए लंबे समय तक लड़ाई लड़ी. कांग्रेस शासन में घोटालों की पोल खोलकर सरकार की बखिया उधेड़ते रहे. वाकपटु केजरीवाल को दिल्ली की जनता ने सिर माथे बैठाया और तीन बार मुख्यमंत्री बनाया. रैमन मैग्सेस पुरस्कार प्राप्त कर चुके दिल्ली के मुख्यमंत्री अब भ्रष्टाचार के आरोपों से अपनी सरकार को कैसे बचाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा.
























