कुत्तों का स्थान बदलने से बचें, अनजान चेहरों से बढ़ता है उनका अग्रेशन- विशेषज्ञ
Experts On Dogs: विशेषज्ञों का कहना है कि डॉग्स का कभी स्थान न बदला करें, इससे वह चिड़चिड़े हो जाते हैं और जगह बदलने पर नए लोगों के साथ सहज नहीं होते फिर लोगों पर अटैक कर देते हैं.

Dont Relocate Dogs: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कुत्ते की खूंखार ब्रीड माने जाने वाले पिटबुल एक 9 साल के बच्चे पर टूट पड़ा. इस घटना के बाद से शहर में डॉग्स को लेकर चर्चा तेज हो गई है. यहां के हादसे ने लोगों को डरा दिया कि किस तरह डॉग्स को रखा जाना चाहिए. इस खौफ को देखकर आवासीय इलाके में भी बहस शुरू हो गई है. यहां दो तरह के लोग हैं एक जिन्होंने डॉग्स को पाल रखा है और उसे अपने साथ रखना चाहते हैं. वहीं दूसरी ओर वो लोग हैं जो डॉग्स को सोसाइटी से बाहर करना चाहते है ताकि लोग सुरक्षित रहें.
वैसे डॉग्स को न पालने का नियम किसी भी शहर में नहीं बनाया गया है. डॉग्स सामने से किसी पर भी हमला नहीं करते हैं. उनकी खुद को बचाने की आदत होती है जिस वजह से वह दूसरों पर हमला कर देते हैं. डॉग्स एक टेरीटोरियल जानवर होते है उनको कभी भी रीलोकेट नहीं करना चाहिए. इससे उनकी जगह बदलते ही उनके व्यवहार में बदलाव आने लगता है. डॉग्स के लिए एक ऐसी जगह या क्षेत्र होना चहिए जिससे वह उस जगह बिना डरे और घबराए जा सके.
डॉग्स को कभी रीलोकेट न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि डॉग्स को कभी रीलोकेट न करें इससे वह चिड़चिड़े हो जाते हैं और जगह बदलने पर नए लोगों के साथ सहज नहीं होते और लोगों पर अटैक कर देते हैं. अगर संभव हो तो इंडियन डॉग्स को ही अडॉप्ट करें क्योंकि इनमें स्थानीय वातावरण में ढलने की क्षमता होती है. डॉग्स को एंटी रेबीज इंजेक्शन भी लगवाना चाहिए साथ ही माइक्रोचिप का भी प्रयोग करें जिससे डॉग्स को ट्रैक करने में आसानी हो.
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Source: IOCL






















