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मथुरा में घर लौट रहे तीन मजदूरों की मौत, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की मदद
सड़क के रास्ते अपने-अपने घर लौट रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई. इनके परिजनों के पास शव को घर जाने के लिए पैसे नहीं थे और फिर ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की.

प्रतीकात्मक तस्वीर
कोरोना वायरस के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन में घर लौट रहे तीन श्रमिकों की अलग-अलग हादसे में मौत हो गई लेकिन इससे भी ज्यादा दुखद यह था कि उनके परिजन के पास शवों को घर तक ले जाने के लिए पैसे नहीं थे. कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मदद की पेशकश करते हुए साथियों की सहायता से उनके लिए न केवल एंबुलेंस मुहैया कराई, बल्कि रास्ते में भोजन के लिए कुछ पैसों का इंतजाम भी किया. शुक्रवार की शाम मथुरा जीआरपी एवं आरपीएफ को सूचना मिली कि अलवर से बलिया जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में किसी मजदूर की तबियत खराब है. रेलवे सुरक्षा बल कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान प्रसाद रेलवे चिकित्सक धीरेंद्र गुप्ता के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे. ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के बाद उसमें सवार गंभीर रूप से बीमार 54 वर्षीय शिवजी प्रसाद को स्टेशन पर उतारा गया. रेलवे चिकित्सक ने उसकी हालत की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई. प्रसाद के साथ यात्रा कर रही उसकी पत्नी बुधला देवी व बड़ा पुत्र बजरंगी के पास शव को बलिया तक ले जाने के लिए पैसे नहीं थे. वहीं एक अन्य हादसे में दिल्ली में वेल्डिंग का काम करने वाले 29 वर्षीय जिया उल हक अपने 25 वर्षीय साले सुहेल एवं शमशाद के साथ बाइक से घर जाने के लिए शुक्रवार रात निकला. शनिवार सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे पर बाइक फिसल जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और बाइक चला रहा शमशाद व सुहेल घायल हो गए. मदद के लिए आगे आए कांग्रेस कार्यकर्ता महावन पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. सुहेल के पास भी शव को पश्चिम चम्पारण ले जाने और खाना खाने तक के पैसे नहीं थे. इन दोनों परिवारों की इस परिस्थिति का जब जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पता चला तो उन्होंने कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा को मजदूर परिवारों की व्यथा बताई. कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि मिश्रा ने जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र से बात की जिस पर उन्होंने दोनों मजदूर परिवारों की मदद के लिए सहायक स्टाम्प महाप्रबंधक अरुण प्रकाश के माध्यम से एंबुलेंस की व्यवस्था कराई तथा राह खर्च के लिए कुछ धनराशि भी प्रदान की. इसके अलावा एक अन्य मजदूर की बस से गिरकर मौत हो गई. वह कोसीकलां से बसों में बैठकर घर वापस जा रहे मजदूरों की बस पर चढ़ गया था किंतु रास्ते में बस से गिर जाने पर उसकी मृत्यु हो गई. उसकी अभी तक शिनाख्त नहीं हुई है. थाना प्रभारी आजाद पाल सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा उसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं. ये भी पढ़ें
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Source: IOCL

























