Sattu shake vs Protein powder: क्या प्रोटीन शेक से ज्यादा ताकतवर होता है सत्तू शेक, जानें इन दावों में कितनी हकीकत?
sattu drink: सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम वीडियो वायरल होते रहते हैं, जो हमारी डाइट को लेकर बहस छेड़ देते हैं.चलिए ऐसी ही एक बहस के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं कि माजरा क्या है?

Benefits of Sattu Drink: सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम वीडियो वायरल होते रहते हैं,जो हमें सेहत के बारे में काफी कुछ बता कर जाते हैं. हाल ही में एक वायरल वीडियो ने कमर्शियल प्रोटीन पाउडर की बजाय घरेलू सत्तू शेक पीने की सलाह दी. वीडियो में दावा किया गया कि मार्केट में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर प्रिजर्वेटिव से भरे होते हैं, जो शरीर में छह महीने तक रहते हैं. वहीं, घरेलू सत्तू, दूध और ड्राई फ्रूट्स से बना शेक इससे कहीं ज्यादा हेल्दी बताया गया. लेकिन साइंटिफिक डाटा और न्यूट्रिशन फैक्ट्स इस दावे की हकीकत कुछ और ही बताते हैं. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.
प्रोटीन पाउडर में मौजूद प्रिजर्वेटिव शरीर में रह जाते हैं
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है. रिसर्च के मुताबिक ज्यादातर हाई क्वालिटी वाले व्हे प्रोटीन पाउडर में प्रिजर्वेटिव न के बराबर होते हैं. अगर किसी में थोड़ी मात्रा में प्रिजर्वेटिव जैसे सोडियम बेंजोएट मिलाया भी गया हो, तो शरीर इसे आसानी से मेटाबोलाइज करके बाहर निकाल देता है. एफडीए और ईएफएसए जैसे इंटरनेशनल रेगुलेटरी एजेंसियां प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा पर सख्त नियम लागू करती हैं और इन्हें सुरक्षित मानती हैं. Baylor University की एक रिपोर्ट बताती है कि व्हे प्रोटीन पाउडर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन होता है, बाकी हिस्सा लैक्टोज, फैट और नैचुरल फ्लेवर का होता है. प्रिजर्वेटिव्स अगर हों भी, तो बेहद कम मात्रा में. यही नहीं, नेचुरल फूड्स जैसे बेरीज़ में भी नैचुरल बेंजोइक एसिड पाया जाता है, जिसे शरीर आसानी से हैंडल कर लेता है.
सत्तू और ड्राई फ्रूट्स वाला शेक कितना हेल्दी?
अब बात उस घरेलू सत्तू शेक की. इस ड्रिंक में सत्तू भुना हुआ चना आटा, दूध या पानी और बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं. यह सच है कि इन सामग्रियों में न्यूट्रिशन भरपूर होता है जैसे कि सत्तू के 100 ग्राम में लगभग 26 ग्राम प्रोटीन, 60 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 18 ग्राम फाइबर होता है. वहीं बादाम/काजू/पिस्ता इनमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं. अगर बात किशमिश की करें, तो आयरन और एंटीऑक्सीडेंट देती है लेकिन ज्यादातर हिस्सा शुगर और कार्ब्स का होता है. यानी यह ड्रिंक हेल्दी है, लेकिन इसकी पोषक वैल्यू इस बात पर निर्भर करती है कि आप इसे किस मात्रा में ले रहे हैं और आपकी सेहत का गोल क्या है.
शुगर कंटेंट का ध्यान जरूरी
कई बार ऐसे "हेल्दी ड्रिंक्स" में शुगर की मात्रा पर ध्यान नहीं दिया जाता. किशमिश, खजूर या गुड़ मिलाने से शुगर लेवल काफी बढ़ जाता है. हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्रोटीन पाउडर में एक स्कूप में 23 ग्राम तक ऐडेड शुगर होती है. अगर इसमें दूध या जूस मिलाया जाए, तो एक शेक ही दिनभर की रिकमेंडेड शुगर लिमिट को पार कर सकता है.अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक महिलाओं के लिए दिनभर की शुगर लिमिट 24 ग्राम और पुरुषों के लिए 36 ग्राम है. यानी शेक हेल्दी लग सकता है, लेकिन हर किसी के लिए उतना अच्छा साबित नहीं होगाखासतौर पर डायबिटीज़ के मरीजों के लिए.
किसके लिए सही, किसके लिए नहीं?
अगर कोई व्यक्ति वजन बढ़ाना चाहता है, तो ज्यादा कैलोरी वाला शेक जिसमें हेल्दी फैट्स और कार्ब्स हों उसके लिए अच्छा है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति स्लिम रहना चाहता है या फैट कंट्रोल करना चाहता है, तो कम कैलोरी और ज्यादा प्रोटीन वाला शेक बेहतर होगा. वहीं, डायबिटीज या हार्ट प्रॉब्लम वाले लोगों को ड्राई फ्रूट्स और गुड़ की मात्रा सोच-समझकर लेनी चाहिए.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )
Source: IOCL























