अनुच्छेद 370 वाली याचिकाओं पर SC में हुई सुनवाई, केंद्र ने कहा- जम्मू कश्मीर से पाबंदियां धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं

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नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने वाले संविधान संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. वकील एम एल शर्मा की तरफ से दायर याचिका में अनुच्छेद 370 को बेअसर करने के लिए किए गए संविधान संशोधन को गलत बताया गया है. साथ ही विधानसभा के प्रस्ताव के बिना राज्य को 2 हिस्सों में बांटने को अवैध कहा गया है.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबड़े और एस अब्दुल नज़ीर की बेंच ने अखबार कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन की याचिका पर भी सुनवाई की. याचिका में धारा 144 लगाने, मोबाइल-इंटरनेट सेवा बंद करने जैसी बातों से लोगों को हो रही दिक्कत का हवाला दिया है. ये भी कहा है कि इससे पत्रकारों का भी काम करना मुश्किल हो गया है.
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष अधिकार देनेवाले अनुच्छेद 370 के खंड एक को छोड़कर सभी खंडों को खत्म कर दिया गया है. इसके साथ ही, उसे दो भाग में बांटकर दोनों हिस्से को केन्द्र शासित प्रदेश बनया गया है. जिसके बाद राज्य को मिलनेवाले विशेषाधिकार खत्म हो गए हैं.
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला किया है. फैसलों के विरोध में प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए घाटी में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. स्थानीय नेताओं को हिरासत में रखा गया है. फोन सेवा पूरी तरह ठप्प है.
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला की याचिका सुनवाई करते जम्मू-कश्मीर में दखल देने से इंकार कर दिया था और सरकार को हालात सामान्य होने के लिए वक्त दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि रातों रात हालात सामान्य नहीं हो सकते.



















