दुनिया के किन देशों पर सबसे कम टैरिफ लगाता है अमेरिका, किस नंबर पर आते हैं भारत-पाकिस्तान?
अमेरिका की नई टैरिफ नीति ने वैश्विक व्यापार का संतुलन बदल दिया है. भारत अब पाकिस्तान और बांग्लादेश से आगे निकलकर अमेरिकी बाजार में मजबूत दावेदार बन गया है. आइए जानें कि भारत की क्या पोजीशन है.

अमेरिका को दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार माना जाता है. यहां पहुंचने वाला सामान अगर कम टैरिफ के दायरे में आता है, तो वह बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन जाता है. इसी वजह से हर देश की कोशिश रहती है कि उसके उत्पादों पर अमेरिका कम से कम शुल्क लगाए. टैरिफ दरें सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि देशों के आपसी रिश्तों और रणनीति को भी दर्शाती हैं. इसी क्रम में यह जानना भी जरूरी है कि आखिर अमेरिका सबसे कम टैरिफ किन-किन देशों पर लगाता है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का बड़ा ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया है. व्हाइट हाउस के अनुसार इस डील से 140 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले भारतीय बाजार के दरवाजे अमेरिकी उत्पादों के लिए खुलेंगे. इस समझौते की सबसे अहम शर्त यह है कि अमेरिका ने भारत पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है.
किन देशों पर सबसे कम टैरिफ लगाता है अमेरिका?
अगर वैश्विक स्तर पर देखें, तो अमेरिका अपने करीबी और विकसित व्यापारिक साझेदारों पर अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाता है. यूरोपीय संघ, जापान और स्विट्जरलैंड जैसे देशों पर औसतन करीब 15 प्रतिशत टैरिफ लागू है. यूनाइटेड किंगडम को इसमें सबसे ज्यादा राहत मिली है, जहां अमेरिकी टैरिफ दर सिर्फ 10 प्रतिशत रखी गई है. यही वजह है कि इन देशों का निर्यात अमेरिकी बाजार में मजबूत बना रहता है.
एशियाई देशों में भारत की स्थिति
एशिया के संदर्भ में भारत की स्थिति अब पहले से बेहतर हो गई है. नई डील के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत रह गया है, जो कई एशियाई देशों से कम है. पाकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस और मलेशिया जैसे देशों पर अमेरिका करीब 19 प्रतिशत टैरिफ लगाता है. वियतनाम पर यह दर 20 प्रतिशत तक जाती है, जबकि बांग्लादेश पर भी अब 20 फीसदी से घटाकर 19 प्रतिशत टैरिफ कर दिया गया है.
पाकिस्तान और बांग्लादेश से आगे भारत
इस नए टैरिफ ढांचे का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि भारतीय सामान अब अमेरिकी बाजार में अपने पड़ोसी देशों की तुलना में सस्ता पड़ने लगा है. पाकिस्तान और बांग्लादेश पर 19 प्रतिशत टैरिफ होने की वजह से वहां के उत्पाद भारत के मुकाबले महंगे हो जाते हैं. इससे टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स और फार्मा जैसे सेक्टर में भारतीय निर्यातकों की स्थिति मजबूत हुई है.
भारतीय निर्यातकों के लिए इस टैरिफ के क्या मायने?
टैरिफ में कटौती का सीधा असर भारत के निर्यातकों पर पड़ा है. अमेरिकी बाजार में अब भारत के उत्पाद ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गए हैं. इससे ऑर्डर बढ़ने, रोजगार के नए मौके बनने और विदेशी मुद्रा कमाने में मदद मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि अगर यह स्थिति लगातार बनी रही तो भारत अमेरिका के साथ व्यापार में और मजबूत स्थिति बना सकता है.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश को कितनी बिजली बेचता है अडानी पावर, जानें इस देश पर कितना बकाया?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























