बांग्लादेश को कितनी बिजली बेचता है अडानी पावर, जानें इस देश पर कितना बकाया?
अडानी पावर से मिलने वाली बिजली बांग्लादेश की जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरी करती है, लेकिन भुगतान विवाद ने चिंता बढ़ा दी है. आइए जानें कि बांग्लादेश पर अडानी पावर का कितना बकाया है.

बिजली की एक डील, करोड़ों डॉलर का बकाया और सप्लाई रुकने की चेतावनी. बांग्लादेश और भारत की एक बड़ी ऊर्जा साझेदारी फिर सवालों के घेरे में है. अडानी पावर और बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के बीच चल रहा भुगतान विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. आइए जानें कि अडानी पावर बांग्लादेश को कितनी बिजली मिलती है और उस पर कितना बकाया चढ़ चुका है, जिसका भुगतान नहीं करने पर उसकी पावर सप्लाई कट हो सकती है.
बांग्लादेश और अडानी पावर का बिजली समझौता
भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग कई सालों से चल रहा है. इसी कड़ी में अडानी पावर लिमिटेड झारखंड के गोड्डा जिले में स्थित अपने 1600 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट से बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति करता है. यह बिजली खास तौर पर बांग्लादेश के लिए बनाए गए प्लांट से जाती है और वहां की राष्ट्रीय ग्रिड में शामिल होती है. मौजूदा समय में यह सप्लाई बांग्लादेश की कुल बिजली जरूरत का करीब 8 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पूरा करती है.
भुगतान विवाद कैसे उभरा?
हाल ही में बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के अंतिम दौर में अडानी ग्रुप ने बकाया भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है. अडानी पावर ने बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड को एक औपचारिक पत्र भेजकर साफ कहा है कि लंबित भुगतान अब गंभीर समस्या बनता जा रहा है. इस पत्र के सामने आते ही दोनों पक्षों के बीच वित्तीय विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है,
बांग्लादेश पर कितनी रकम बकाया है?
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रोथोम एलो की रिपोर्ट के अनुसार, 29 जनवरी को अडानी पावर लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट अविनाश अनुराग ने पीडीबी के चेयरमैन को पत्र लिखा. इसमें बताया गया कि पावर प्लांट का नियमित संचालन बनाए रखने के लिए 112.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का तत्काल भुगतान जरूरी है. भारतीय मुद्रा में यह रकम 1000 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है.
बकाये का पूरा हिसाब
इस कुल राशि में से 53.2 मिलियन डॉलर जून 2024 तक का पुराना बकाया है. वहीं 59.6 मिलियन डॉलर अक्टूबर 2024 तक दी गई बिजली सेवा से जुड़ा भुगतान है. अडानी ग्रुप का कहना है कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद यह रकम अभी तक अदा नहीं की गई है. इससे कंपनी पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है.
सप्लाई पर मंडराता खतरा
पत्र में अडानी पावर ने साफ शब्दों में संकेत दिया है कि अगर भुगतान में और देरी हुई, तो बिजली सप्लाई, प्लांट के रखरखाव और उससे जुड़े साझेदारों पर असर पड़ सकता है. हालांकि कंपनी ने सीधे तौर पर सप्लाई रोकने की बात नहीं कही है, लेकिन चेतावनी के लहजे से स्थिति की गंभीरता साफ झलकती है. बांग्लादेश जैसे देश के लिए यह मुद्दा अहम है, जहां बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है.
पहले भी हो चुका है बड़ा भुगतान
जानकारी के मुताबिक, जून 2025 में बांग्लादेश ने अडानी पावर को करीब 384 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था. इस भुगतान के बाद कुल बकाया घटा जरूर है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. अब भी अडानी पावर का बकाया लगभग 500 मिलियन डॉलर के आसपास बताया जा रहा है, जो भारतीय रुपये में करीब 4200 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
बांग्लादेश के लिए क्यों अहम है यह डील?
अडानी पावर से मिलने वाली बिजली बांग्लादेश की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है. खासकर पीक डिमांड के समय यह सप्लाई देश को ब्लैकआउट से बचाने में मदद करती है. ऐसे में अगर भुगतान विवाद लंबा खिंचता है, तो इसका असर वहां के आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर पड़ सकता है.
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