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मुकेश ने बीमार लड़की को अपनी अवाज से किया था ठीक, पहले गाने ने दिलाया था फिल्मफेयर अवॉर्ड
दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह मुकेश के गाये गीतों में न सिर्फ संवेदनशीलता दिखाई देती है बल्कि निजी जिंदगी में भी वो बेहद संवेदनशील इंसान थे जो दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर उसे दूर करने का प्रयास करते थे.

राज कपूर की आवाज कहे जाने वाले मुकेश आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं. मुकेश ने राज कपूर के लिए बहुत गाने गाए जैसे 'दोस्त-दोस्त न रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'कहता है जोकर', 'दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई', 'आवारा हूं' और 'मेरा जूता है जापानी'. मुकेश को बचपन से ही गाना गाने का शौक़ था. वो अपनी प्रेक्टिस के लिए अपने स्कूल के दोस्त को गाना सुनाया करते थे. मुकेश ने सिर्फ 10वीं क्लास तक पढ़ाई की है. पढ़ाई छोड़ कर मुकेश ने पीडब्लूडी में नौकरी की थी.
मुकेश अपने समय के हर सुपरस्टार की आवाज बने थे. आपको अपनी स्टोरी में एक किस्सा बताते है जो बहुत ही दिलचस्प है. दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर उसे दूर करने वाले मुकेश की आवाज का जादू लोगों पर ऐसा था की इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं. एक बार एक लड़की बीमार हो गई. वो अपनी मां से बोली कि अगर मुकेश आकर उसे अपना गाना सुनाएं तो वह ठीक हो सकती है. डॉक्टर से इस बात का पता चलने पर मुकेश तुरंत उस लड़की से मिलने पहुंच गए और गाया सुनाया.
आपको बता दें, मुकेश ने अपने रिश्तेदार मोतीलाल की बहन की शादी में गाना गाया था. जो मोतीलाल को मुकेश की आवाज इतनी पसंद आई की वो उन्हें मुंबई ले गए और गाने की ट्रेनिंग दिलवाई. फिर उसके बाद साल 1959 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'अनाड़ी' ने राज कपूर को पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया. कम ही लोगों को पता होगा कि राज कपूर के जिगरी यार मुकेश को फिल्म अनाड़ी के 'सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी' गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.
मुकेश का जन्म 22 जुलाई 1923 को लुधियाना के जोरावर चंद माथुर और चांद रानी के घर हुआ था. उनका पूरा नाम मुकेश चंद्र माथुर था. उनके पिता जोरावर चंद्र माथुर पेशे से इंजीनियर थे. आपको बता दें, मुकेश के 10 भाई-बहन थे और मुकेश उन 10 भाई-बहनों में से छठे नंबर के थे.
मुकेश ने अपने करियर में 200 से ज्यादा फिल्मों में गाने गाए हैं. मुकेश ने हर किस्म के गाने गाए हैं, लेकिन उनको जो असली पहचान मिली वो उनके दर्द भरे गानों से मिली हैं. मुकेश फिल्मफेयर पुरस्कार को जितने वाले पहले मेल गायक थे.
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