कर्नाटक चुनाव: एक और सर्वे का दावा- कांग्रेस और बीजेपी बहुमत से दूर, देवगौड़ा होंगे किंगमेकर
न्यूज एक्स-सीएनएक्स के सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस को 90 सीट, बीजेपी को 87, जेडीएस को 39 और अन्य को सात सीटें हासिल होगी. यानि बहुमत के 113 सीटों के आंकड़ों से कांग्रेस और बीजेपी दोनों काफी पीछे है.

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस, बीजेपी और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के बीच जोर-आजमाइश जारी है. सभी दलों का दावा है कि 15 मई को जब नतीजे आएंगे तो मुख्यमंत्री की कुर्सी उसी की होगी. इस बीच एक और ओपिनियन पोल (सर्वे) में दावा किया गया है कि राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी.
न्यूज एक्स-सीएनएक्स के सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस को 90 सीट, बीजेपी को 87, जेडीएस को 39 और अन्य को सात सीटें हासिल होगी. यानि बहुमत के 113 सीटों के आंकड़ों से कांग्रेस और बीजेपी दोनों काफी पीछे है. ऐसे में सत्ता की चाबी देवगौड़ा के पास होगी. वोट शेयरों पर नजर डालें तो कांग्रेस को 38 प्रतिशत, बीजेपी को 33.91 प्रतिशत, जेडीएस को 19.2 प्रतिशत और अन्य को 8.89 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं.
एबीपी न्यूज़ सर्वे कर्नाटक में 224 विधानसभा सीट है. जहां फिलहाल कांग्रेस 120 सीटों के साथ सत्ता में है और बीजेपी के पास 43 सीटें हैं. सर्वे में बीजेपी को दोगुना फायदा होता दिख रहा है. इससे पहले सोमवार को लोकनीति-सीएसडीएस और एबीपी न्यूज के फाइनल ओपिनियन पोल जारी किये. इसके मुताबिक, कांग्रेस को 97 सीटें, बीजेपी को 84 और जेडीएस को 37 सीटें मिल सकती है.
पीएम मोदी ने सर्वे को किया खारिज वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ओपिनियल पोल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि इसके नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है. मोदी ने आज कर्नाटक में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''जो लोग एसी रूम में बैठकर कर्नाटक में किसी को भी बहुमत नहीं मिलने की बात कर रहे हैं. ऐसा भ्रम फैला रहे हैं. वो बाहर निकलकर यहां रैली में मौजूद लोगों को देखें जो ये 45 डिग्री तापमान में भी यहां हैं. ये इसलिए तप रहे हैं ताकि सुख चैन की जिंदगी जी सकें.''
आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतना बीजेपी और कांग्रेस के लिए अहम का विषय है. जहां कांग्रेस लगातार अन्य विधानसभा चुनाव में हार के बाद जीत का स्वाद चखना चाहती है. वहीं बीजेपी इस जीत के साथ दक्षिण भारत में एक बार फिर धमाकेदार एंट्री चाहती है. आपको बता दें कि दक्षिण भारत के किसी भी राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं है. दोनों दलों के स्टार प्रचारक आज से चार दिनों बाद 12 मई को होने वाले चुनावों के लिए लगातार रैलियां कर रहे हैं.














