इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन को झटकाः दिसंबर में बड़ी गिरावट के बाद आईआईपी -0.4%

नई दिल्लीः दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर बड़ी निराशा हाथ लगी है. नोटबंदी का असर दिसंबर के आईआईपी आंकड़ों पर देखा गया है और आईआईपी निगेटिव में चली गई है. दिसंबर में आईआईपी विकास दर घटकर -0.4 फीसदी रही है जबकि नवंबर में आईआईपी विकास दर 5.7 फीसदी रही थी. इस तरह देखा जाए तो नोटबंदी का साफ असर देश के इंडस्ट्रियल प्रोडेक्शन में गिरावट के रूप में सामने आया है. वहीं साल दर साल आधार पर आईआईपी देखें तो अप्रैल-दिसंबर के दौरान आईआईपी 3.2 फीसदी से घटकर 0.3 फीसदी रही है.
सेक्टरवार इंडस्ट्री के उत्पादन आंकड़ें
- दिसंबर में कैपिटल गुड्स की विकास दर में बड़ी गिरावट आई है और ये -3 फीसदी रही जबकि नवंबर में ये विकास दर 15 फीसदी रही थी. इस तरह कैपिटल गुड्स की बढ़त को तेज झटका लगा है.
- दिसंबर में इंटरमीडिएट गुड्स की विकास दर घटकर महीने दर महीने आधार पर -1.2 फीसदी रही जबकि नवंबर में इंटरमीडिएट गुड्स की विकास दर 2.7 फीसदी रही थी.
- दिसंबर में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स गुड्स की विकास दर घटकर -10.3 फीसदी रही वहीं नवंबर में ये 9.8 फीसदी थी.
- दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विकास दर घटकर -2 फीसदी रही है. जबकि नवंबर में ये विकास दर 5.5 फीसदी रही थी.
- दिसंबर में माइनिंग सेक्टर की विकास दर 5.2 फीसदी रही है जबकि नवंबर में माइनिंग सेक्टर की विकास दर 3.9 फीसदी रही है.
- दिसंबर में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की विकास दर घटकर 6.3 फीसदी रही जबकि नवंबर में 8.9 फीसदी रही थी जो काफी अच्छी मानी गई थी.
- दिसंबर में कंज्यूमर गुड्स की विकास दर घटकर -6.8 फीसदी रही जोकि नवंबर में 5.6 फीसदी थी.
- महीने दर महीने आधार पर दिसंबर में कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स गुड्स की विकास दर 2.9 फीसदी से घटकर -5 फीसदी रही है.
बढ़ने वाले सेक्टर्स के आंकड़ें
दिसंबर में बढ़ने वाले सेक्टर्स के आंकड़ें देखें तो सिर्फ बेसिक गुड्स का ही नाम दिख रहा है. दिसंबर में बेसिक गुड्स की विकास दर बढ़कर 5.3 फीसदी रही जबकि नवंबर में बेसिक गुड्स की विकास दर 4.7 फीसदी रही थी.
इस तरह देखा जाए तो इकोनॉमी में विकास दर में गिरावट दिखना सरकार के लिए झटके से कम नहीं है. दिसंबर की आईआईपी ग्रोथ में गिरावट दरअसल देश की आर्थिक विकास दर में गिरावट का संकेतक भी हो सकता है जो आगे जाकर जीडीपी में गिरावट के रूप में तब्दील हो सकता है. गौरतलब है कि नोटबंदी के असर से कई रेटिंग एजेंसियों समेत आईएमएफ ने भी भारत की जीडीपी में गिरावट आने का अंदेशा पहले ही जता दिया है.
Source: IOCL

























