PAN कार्ड पर CBDT का नया नियम जारी, लेन देन से पहले हो जाएं अलर्ट
PAN नहीं होने पर भी प्रॉपर्टी या सोने जैसी महंगी खरीद की जानकारी अब टैक्स विभाग तक पहुंचेगी. CBDT की नई रिपोर्टिंग व्यवस्था 15 सितंबर से लागू है. बैंक और रजिस्ट्रार तय प्रक्रिया से सूचना देंग.

अगर आपके पास PAN कार्ड नहीं है और आप बिना PAN कार्ड के प्रॉपर्टी या सोने जैसी महंगी चीजों की खरीदारी करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है. PAN नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि ऐसे लेन-देन की जानकारी इनकम टैक्स विभाग तक नहीं पहुंचेगी. अब नए इनकम टैक्स नियमों के तहत PAN के बिना किए जाने वाले कुछ निर्धारित ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है.
दरअसल, CBDT ने 15 सितंबर 2026 को इसे लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है. इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत PAN नहीं रखने वाले लोगों के लिए Form 97 में डिक्लेयरेशन देने की व्यवस्था की गई है. इसके बाद जिस बैंक, रजिस्ट्रार या दूसरी रिपोर्टिंग संस्था को यह जानकारी मिलता है, उसे Form 98 के जरिए इनकम टैक्स विभाग को इसकी रिपोर्ट करनी होगी.
PAN नहीं है तो क्या करें?
अगर आपके पास PAN कार्ड मौजूद नहीं है, लेकिन आप निर्धारित लेन-देन करना चाहते हैं, तो आप Form 97 का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस फॉर्म में आपको अपनी पहचान, पता और अन्य जरूरी जानकारी देना पड़ सकता है. Income Tax Department के मुताबिक, नए नियमों में Form 97 पुराने Form 60 की जगह इस्तेमाल किया जाता है.
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Form 98 के जरिए क्या होगा?
इनकम टैक्स रूल्स (Income-tax Rules) 2026 के Rule 160 के तहत Form 97 मिलने के बाद संबंधित रेपोर्टिंग संस्था को Form 98 के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इसकी जानकारी ITDREIN (Income Tax Department Reporting Entity Identification Number) को भेजी जाएगी. इसके लिए तय सर्वर पर डेटा ट्रांसमिट किया जाएगा और रिपोर्टिंग संस्था को acknowledgement number भी मिलेगा.
अब CBDT ने Form 98 से जुड़ी रजिस्ट्रेशन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के लिए Notification No. 3 of 2026 को 15 सितंबर 2026 को जारी किया. Income Tax Department ने भी इसे अपनी लेटेस्ट अपडेट में दर्ज किया है.
कब तक करनी होगी Form 98 की रिपोर्टिंग?
- नए नियमों में Form 98 की रिपोर्टिंग के लिए डेडलाइन भी तय की गई है.
- 30 सितंबर तक मिली डिक्लेयरेशन की जानकारी 31 अक्टूबर तक जमा करनी होगी.
- 31 मार्च तक मिली डिक्लेयरेशन की जानकारी अगले वित्त वर्ष की 30 अप्रैल तक फाइल करनी होगी.
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