GST के एक साल बाद देश के व्यापारियों का हाल: कहीं है खुशी, कहीं गम
जीएसटी के एक साल पूरे हो रहे हैं तो देश के कई शहरों के व्यापारियों से बातचीत कर ये जानने की कोशिश की गई है कि आखिर जीएसटी से उन्हें कितना फायदा हुआ है या जीएसटी लागू होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.

नई दिल्लीः एक जुलाई को देश में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स यानि जीएसटी लागू होने को एक साल पूरा होने जा रहा है. जीएसटी के साथ व्यापारियों और आम लोगों का साल भर का ये सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा. शुरुआती दिक्कतों के बाद सरकार ने जीएसटी में कुछ बदलाव किए और कुछ सामानों पर लगने वाली जीएसटी की दरों को भी घटाया. अब जब जीएसटी के एक साल पूरे हो रहे हैं तो देश के कई शहरों के व्यापारियों से बातचीत कर ये जानने की कोशिश की गई है कि आखिर जीएसटी से उन्हें कितना फायदा हुआ है या जीएसटी लागू होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.
गुजरात के सूरत का हाल जीएसटी के खिलाफ विरोध की पहली आवाज गुजरात के सूरत से उठी थी. हालांकि विधानसभा चुनाव में बीजेपी सूरत में धमाकेदार जीत हासिल की थी. एक साल बाद सूरत के टेक्सटाइल कारोबारियों में गुस्सा दिख रहा है. कह रहे हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद कपड़े की कीमत बढ़ गई है. काम घटने से रोजगार पर भी असर पड़ा है.
मुंबई मुंबई के छोटे व्यापारियों में जीएसटी को लेकर खासी नाराजगी है. व्यापारियों का कहना है कि जिन चीजों पर पहले टैक्स नहीं था उन पर भी टैक्स लग गया है जिससे उनके व्यापार पर असर पड़ा है.
जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर के व्यापारियों का कहना है कि हर महीने जीएसटी रिटर्न भरने में लंबी कागजी प्रक्रिया होती है. जिसके लिए उनको अलग से अकाउंटेंट रखना पड़ता है और उसको 25-30 हजार रुपये देने पड़ते हैं जिससे छोटे व्यापरियों का नुकसान हो रहा है.
दिल्ली दिल्ली के कुछ ऐसे भी व्यापारी हैं जो जीएसटी से खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि जीएसटी से कोई बड़ा फायदा तो नहीं हुआ बल्कि उनकी परेशानी बढ़ गई है.
लखनऊ एक साल बाद लखनऊ के व्यापारी जीएसटी से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं. व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लगने से टैक्स भरने की मुश्किल बढ़ गई. कुछ व्यापारियों का तो ये भी दावा है कि जीएसटी से उनके कारोबार को काफी नुकसान पहुंचा है.
कोलकाता मोदी सरकार अपनी सरकार के सफल कदमों में से एक जीएसटी को गिनवाती है लेकिन इसकी तुलना कोलकाता के व्यापारी वीडियो गेम से कर रहे हैं. वहीं कुछ व्यापारी इसे अच्छी पहल भी बता रहे हैं.
उज्जैन एमपी के उज्जैन में जीएसटी से व्यापारी वर्ग खुश है. हालांकि यहां भी कुछ व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी भरने में उन्हें थोड़ी-बहुत मुश्किल आ रही है.
नोएडा दिल्ली से सटे नोएडा में व्यापारियों का मानना है कि जो लोग पहले से टैक्स भर रहे थे उनको कोई दिक्कत नहीं हुई है जो लोग टैक्स नहीं भरना चाहते हैं उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
मेरठ मेरठ में बुक स्टोर चलाने वाले राम कुमार शर्मा का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद भी भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग सकी है और कारोबारी काफी हद तक अकाउंटेंट पर निर्भर हो गए हैं.
वाराणसी मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के व्यापारी मानते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद कई सामानों के दाम कम हुए हैं. हालांकि रिटर्न भरने की प्रक्रिया यहां के व्यापारियों के लिए भी मुसीबत जैसी है.
राजकोट राजकोट में जीएसटी को लेकर व्यापरियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है. कोई जीएसटी से व्यापार में फायदा बता रहा है तो किसी को जीएसटी मुसीबत से कम नहीं लग रही है.
जोधपुर राजस्थान के जोधपुर में व्यापारी जीएसटी के कई फायदे बता रहे हैं. उनका कहना है कि जो साफ तरीके से बिजनेस कर रहा हैं उसके लिए ये सही है .जीएसटी के बाद लोगों को हर खरीदारी के बदले बिल भी मिल रहा है.
इंदौर इंदौर के व्यापारी जीएसटी को कारोबार के लिए सुविधा मानते हैं. उनका कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद उनके लिए कारोबार करना पहले से आसान हुआ है.
इस तरह देखा जाए तो एक साल बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से जीएसटी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. हालांकि अधिकांश प्रतिक्रियाओं से ये बात सामने निकलकर आ रही है कि जो लोग पहले टैक्स नहीं भरते थे उनके लिए दिक्कतें जरूर आईं लेकिन जो व्यापारी पहले से टैक्स भरते थे उन्हें ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा.
Source: IOCL

























