मारुति के निवेशकों को हर शेयर पर मिलेगा 80 रु का लाभांश
कंपनी ने 28 अगस्त तक लाभांश देने की योजना बनायी है. हालांकि अभी लाभांश के प्रस्ताव को शेयरधारकों की सालाना बैठक में पेश किया जाएगा जहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इसका भुगतान होगा.

नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के करीब पौने तीन लाख से भी ज्यादा निवेशकों के लिए अच्छी खबर. इन निवेशकों को पांच रुपये अंकित मूल्य वाले हर शेयर पर 80 रुपये का लाभांश यानि डिविडेंड मिलेगा.
कंपनी के कुल शेयरधारकों में 2.71 लाख के करीब छोटे निवेशक है, यानि इन निवेशकों के पास दो लाख रुपये या उससे कम कीमत के शेयर हैं. कंपनी ने 28 अगस्त तक लाभांश देने की योजना बनायी है. हालांकि अभी लाभांश के प्रस्ताव को शेयरधारकों की सालाना बैठक में पेश किया जाएगा जहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इसका भुगतान होगा. वैसे ये एक औपचारिक प्रक्रिया है जिसमें किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए. ध्यान रहे कि कंपनी ने 2016-17 में 75 रुपये की दर से लाभांश दिया था.
घरेलू कार बाजार के करीब आधे हिस्से पर काबिज मारुति सुजुकी ने अपने सालाना नतीजों के ऐलान के साथ ही कारोबारी साल 2017-18 के लिए अंतिम लाभांश की घोषणा की. कंपनी के मुताबिक, उसे 31 मार्च को खत्म हुए कारोबारी साल 2017-18 के दौरान 7,721 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ. ये बीते साल के मुकाबले करीब पांच फीसदी ज्यादा है. कंपनी को बिक्री से 78 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की कमाई हुई जो बीते साल के मुकाबले करीब पौने 17 फीसदी ज्यादा है. कंपनी ने इस दौरान 17.79 लाख गाड़ियां देसी-विदेशी बाजार में बेची जो बीते साल की तुलना में 13 फीसदी से भी ज्याद की बढ़त को बता रहा है.
अब कंपनी को उम्मीद है कि चालू कारोबारी साल के दौरान उसकी बिक्री दोहरे अंक में बढ़ेगी. हालांकि ये चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है, लेकिन उसे लगता है कि ज्यादा परेशानी नहीं होगी. दूसरी ओर कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव का मानना है कि कुछ और चुनौतियां पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत और कच्चे माल के दाम में आ रही तेजी है. वैसे भार्गव कह रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम में उछाल से मांग पर असर पड़ने की आशंका नहीं है. दूसरी ओर जब उनसे ये पूछा गया कि क्या कच्चे माल की बढ़ रही कीमतों के चलते वो कार के दाम बढ़ाएंगे, इसपर उनका कहना था कि कच्चे माल की कीमतों मे एक सीमा तक की बढ़त तो बरदाश्त की जा सकती है, लेकिन ये सीमा कितनी होगी, इसका उन्होंने कोई साफ-साफ जवाब नहीं दिया.
कंपनी ने इस मौके पर दो विशेष फंड बनाने का भी ऐलान किया. पहले फंड का फायदा कर्मचारियों को मिलेगा जबकि दूसरे फंड के जरिए शोध को बढ़ावा दिया जाएगा. दोनों ही फंड में मुनाफे का एक-एक फीसदी डाला जाएगा. इस आधार पर 2018-19 में 77-77 करोड़ रुपये का फंड होगा. विशेष फंड के जरिए कर्मचारियों को कई तरह की सुविधा मसलन, घर कर्ज पर ब्याज मिलेगी.
Source: IOCL























