युद्ध के बीच ईरान का लगा जैकपॉट, मिला गैस का नया खजाना
US-Iran War: अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकी दे दी है और दूसरे देशों को भी ईरान संग व्यापार न करने की चेतावनी दी है. इस बीच, ईरान के हाथ एक बड़ा जैकपॉट लगा है.

- ईरान ने दक्षिणी फार्स प्रांत में विशाल गैस भंडार खोजा.
- यह विशाल भंडार दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.
- अमेरिका-इजरायल युद्ध से ईरान का ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित हुआ.
- अमेरिका ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा.
Iran Gas Discovery: अमेरिका और ईरान के साथ महीनों की लड़ाई से ईरान के एनर्जी सेक्टर को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि ईरान ने 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से ज्यादा नैचुरल गैस के भंडार को ढूंढ़ निकाला है.
कहां है यह नया गैस भंडार?
ईरानी तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि ईरान ने अपने दक्षिणी फार्स प्रांत में 212 अरब क्यूबिक मीटर (7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट) से अधिक प्राकृतिक गैस के एक विशाल भंडार की खोज की है. पाकनेजाद ने बताया कि यह नया भंडार दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड 'साउथ फोर्स' (जिसे ईरान और कतर मिलकर इस्तेमाल करते हैं) के एक फेज से होने वाला 15 साल के उत्पादन के बराबर है.
अमेरिका और इजरायल से युद्ध के चलते ईरान के एनर्जी सेक्टर को 25% से ज्यादा का नुकसान पहुंचा है. इसे इस नई खोज से तुरंत ठीक नहीं किया जा सकता. इसके डेवलपमेंट और उत्पादन में कई साल लग सकते हैं. हालांकि, यह लॉन्ग टर्म में एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
ईरान पर युद्ध का असर
अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान के गैस संयंत्रों और तेल डिपो को काफी नुकसान पहुंचा है. ईरान का एनर्जी सेक्टर ही उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है, जिससे देश को काफी रेवेन्यू जेनरेट होता है. इस साल फरवरी के अंत से शुरू हुई लड़ाई में ईरान को अपनी दैनिक गैस उत्पादन क्षमता का लगभग एक-चौथाई हिस्सा गंवाना पड़ा है. ऐसे गंभीर ऊर्जा संकट के बीच इस भंडार का मिलना ईरान के लिए राहत की बात है.
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने की धमकी दी है और अन्य देशों को भी ईरान से कारोबार करने की स्थिति में अमेरिका के सख्त रवैये का सामना करने की चेतावनी दी है. अमेरिका खासतौर पर चीन पर दबाव बना रहा है, जो ईरान से तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. अमेरिका अब सीधे ईरान की अर्थव्यवस्था पर प्रहार करना चाहता है.
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