ब्रह्मस्थान घर के केंद्र में स्थित होता है और ऊर्जा को संतुलित करता है। इसे खुला रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में शांति बनी रहती है।
रोजाना के झगड़ों से तंग विनीत ने अपनाई ये वास्तु टिप्स, घर में आई शांति! जानिए कैसे?
Vastu Remedies 2026: घर में अक्सर होने वाले लड़ाई-झगड़ों के बीच व्यक्ति काफी परेशान हो जाता है. वास्तु के जानकार से जानिए वास्तु से जुड़े खास उपाय जिन्हें करने से घर में खुशहाली और शांति बनी रहती है.

- घर के केंद्र (ब्रह्मस्थान) को खुला रखें, कूड़ेदान न रखें।
Vastu Remedies 2026 for Home: विनीत अपने घर के रोजमर्रा की लड़ाई-झगड़ों से काफी परेशान हो चुका था. घर के प्रत्येक सदस्य को एक-दूसरे की बात काटने को दौड़ती थी. हर दूसरे दिन घर में किसी न किसी बात को लेकर अनबन या तनाव की स्थिति रहती थी. कई बार चीजें मार-पीट तक बढ़ जाती थी.
जिसका प्रभाव विनीत के चेहरे पर साफ दिखने लगा था. ऑफिस में अकेले और उदास बैठे रहने के कारण एक दिन साथ काम करने वाले ने वजह पूछी तो विनीत ने अपने घर की आपबीती सुनाई.
उसके बाद विनीत को उसके सहकर्मी ने वास्तु शास्त्र के जानकार अनीष व्यास से मिलने की सलाह दी. विनीत जाकर उनसे मिले और उन्होंने जो बातें बताई उसे अपनाकर आप भी अपने घर में शांति का वातावरण पा सकते हैं.
घर में शांति क्यों जरूरी?
जब हर कोई दुनिया के शोरगुल से परेशान हो जाता है, तो घर ही वो स्थान है, जहां आप सुकून से रहना चाहते हैं. एक शांत घर होना आज के समय में सबसे बड़ी विलासिता है, जिसकी कामना हर कोई करता है. लेकिन क्या आप यकीन से कह सकते हैं कि, आपके घर में वह भावनात्मक शांति है जिसकी आप खोज कर रहे हैं?
अगर जवाब नहीं है तो हम आपको कुछ वास्तु से जुड़े उपाय बताएंगे, जो इसे बेहतर बनाने में मददगार भूमिका निभा सकता है.

ईशान कोण को संतुलित करें
घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण बेहद ही महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह स्थान मानसिक स्पष्टता के साथ भावनात्मक संबंधों से जुड़ा होता है. 2026 में इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखें.
अव्यवस्थित ईशान कोण चिंता और भावनात्मक बोझ का कारण बनता है. इस स्थान पर हमेशा साफ पानी का एक छोटा सा पात्र रखें या किसी भी आध्यात्मिक प्रतीक चिन्ह तो जरूर रखें.
सोने का कमरा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का वो कमरा जिसमें हम सोते हैं, उसका सीधा संबंध हमारी भावनाओं से जुड़ा होता है. हल्के नीले, बेज या पेस्टल जैसे शांत रंगों का इस्तेमाल ही सोने वाले कमरे में करना चाहिए. इन रंगों के इस्तेमाल से कमरे में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है.
शयनकक्ष (bedroom) व्यक्ति की भावनाओं को प्रभावित करते हैं. इसलिए कमरे को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त रखना बेहद जरूरी है. सोते समय अपने सिर को दक्षिण या पूर्व दिशा में रखना चाहिए. इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि, बिस्तर के सामने कोई दर्पण (Mirror) न लगा हो.
अग्नि ऊर्जा को बढ़ने न दें
घर में अग्नि ऊर्जा बढ़ने के कारण क्रोध, बिगड़ते भावनात्मक संबंध और बेचैनी की वजह बनते हैं. इसे कम करने के लिए मिट्टी के बर्तनों और लकड़ी से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा लाल या अन्य चमकीले रंगों के अधिक उपयोग से बचें.
ब्रह्मस्थान
घर के केंद्र भाग को ब्रह्मस्थान कहा जाता है, जो घर की ऊर्जा को संतुलन करने में मदद करता है. साल 2026 में इसे खुला रखें. कोशिश करें कि जरूरत के हिसाब से फर्नीचर या सामान का इस्तेमाल करें. विशेष रूप से ध्यान दें कि, इस हिस्से में कूड़ेदान न रखें.

इसके अलावा ऐसी ध्वनियां या सुगंधित चीजों का इस्तेमाल करें, जिससे घर में भावनात्मक शांति बरकरार रहे. घर में विंड चाइम, घंटी या सिंगिंग बाउल रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. आर्टिफिशियल रूम फ्रेशनर के स्थान पर चंदन या कपूर का उपयोग करें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.


















