श्रीकांत त्यागी का मामला हाईलाइट होने के बाद अब नोएडा अथॉरिटी पर सवाल खड़े होने लगे हैं. अवैध निर्माण को लेकर अथॉरिटी के अफसरों के मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है.