स्कूल में बाल मजदूरी क्यों? । Ghanti Bajao
हमारी इस रिपोर्ट में देखी स्कूली छात्रों की भी तस्वीरें जिसमें वो स्कूल तक पहुंचने की जुगत में बाढ़ का खतरा भी मोल लेने में कोई परहेज़ नहीं कर रहे क्योंकि वो जानते हैं कि स्कूल भविष्य संवारता है। लेकिन इसी बीच कुछ स्कूलों में बच्चों के हाथ में किताबों की जगह अगर आपको कुल्हाड़ी दिखे तो? अगर पढ़ाई की जगह वो खुदाई करते दिखें तो? यहां तक कि ऊपर चढ़कर गिर जाने का खतरा उठाकर कुछ सीखने की बजाए इमारत पर शेड डालते दिखें तो? जी हां.. बिहार के एक स्कूल में यही हो रहा है। बच्चों का बालपन और शिक्षा छीनकर उनसे बाल मजदूरी करवाई जा रही है। हांलाकि इस तस्वीर के साथ एक दूसरी खबर ज़रूर सुकूनभरी है.. यूपी के स्कूल की कुछ इसी तरह की तस्वीर हमने आपको घंटी बजाओ में दिखाई थी और अब आपकी मिस्ड कॉल ने कर दिया है कमाल.. हो गया है एक्शन। तो देखते हैं घंटी बजाओ के असर की कहानी और ऐसा ही असर बिहार के स्कूल में लाने के लिए आप फिर फोन उठाकर... 8422840000 पर मिस्ड कॉल ज़रूर दीजिए।




























