Punjab और Uttar Pradesh में 'Ravidas Factor' का विश्लेषण | Masterstroke
माघ पूर्णिमा पर हर साल संत रविदास की जयंती या जन्म दिवस को मनाया जाता है... लेकिन वाराणसी में लोग इसे किसी उत्सव या त्योहार की तरह मनाते हैं.. क्योंकि वाराणसी संत रविदास की जन्मस्थली है... रविदास जी को मानने वाले अनुयायी पंजाब में भी हैं... और लाखों की संख्या में हैं.. इसीलिए उनके जन्म उत्सव पर वाराणसी में दर्शन करने वालों की बड़ी तादात होती है... आज भी ऐसा ही हुआ.. लेकिन आज फर्क ये था रविदासियों की इस भीड़ में नेता भी शामिल थे.... और इसकी वजह है.. पंजाब और यूपी का चुनाव.. क्योंकि इन दोनों ही राज्यों में दलितों की ठीक ठाक आबादी है... रविदास भी इसी समाज से थे.. इसीलिए... सभी राजनीतिक दल इस वोटबैंक को रिझाने में जुटे हुए हैं...


























