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सावधान माननीय... संसद में अब इन शद्बों को माना जाएगा असंसदीय ! | इंडिया चाहता है
संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है. लेकिन यहां भी असंसदीय शब्द, असंसदीय जुमले बोले जाते हैं. आज आलम ये है कि असंसदीय शब्दों और जुमलों की संख्या करीब 2000 हो गई है. संसद में उन लोगों, संगठनों, संस्थाओं का नाम लेने की इजाजत नहीं होती जो सदन के सदस्य नहीं हैं. साथ ही जो लोग अपने खिलाफ लगे आरोपों का जवाब देने के लिए मौजूद नहीं होते, उनका भी नाम नहीं लिया जाता. संसद में पप्पू के बाद बालबुद्धि सांसद बोलना भी असंसदीय हो गया है. इतना ही नहीं, 2G, 3G या जीजा जी ये कहकर भी संसद में तंज नहीं कसा जा सकता.
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