एक्सप्लोरर

Kumbh Mela 2019: जानिए किसने की थी अखाड़ों की स्थापना, क्या होती है इनकी खासियत

1/5
अखाड़ों की व्यवस्था के लिए पांच लोगों की एक समिति होती है जो ब्रह्मा, विष्णु, शिव, गणेश व शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है. संख्या के हिसाब से जूना अखाड़ा सबसे बड़ा है. इसके बाद निरंजनी और फिर महानिर्वाणी अखाड़ा आता है.
अखाड़ों की व्यवस्था के लिए पांच लोगों की एक समिति होती है जो ब्रह्मा, विष्णु, शिव, गणेश व शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है. संख्या के हिसाब से जूना अखाड़ा सबसे बड़ा है. इसके बाद निरंजनी और फिर महानिर्वाणी अखाड़ा आता है.
2/5
 इन अखाड़ों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है- शैव अखाड़े, वैष्णव अखाड़े और उदासीन अखाड़ा. शैव अखाड़ों के इष्ट भगवान शिव होते हैं, वैष्णव अखाड़ों के इष्ट भगवान विष्णु होते हैं और उदासीन मत का प्रवर्तक गुरु नानक के पुत्र चंद्रदेव जी को माना जाता है.
इन अखाड़ों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है- शैव अखाड़े, वैष्णव अखाड़े और उदासीन अखाड़ा. शैव अखाड़ों के इष्ट भगवान शिव होते हैं, वैष्णव अखाड़ों के इष्ट भगवान विष्णु होते हैं और उदासीन मत का प्रवर्तक गुरु नानक के पुत्र चंद्रदेव जी को माना जाता है.
3/5
 अखाड़ों के धर्मगुरुओं के चयन के दौरान यह ध्यान रखा जाता रहा है कि उनका जीवन सदाचार, संयम, परोपकार, कर्मठता, दूरदर्शिता और धर्ममय हो.
अखाड़ों के धर्मगुरुओं के चयन के दौरान यह ध्यान रखा जाता रहा है कि उनका जीवन सदाचार, संयम, परोपकार, कर्मठता, दूरदर्शिता और धर्ममय हो.
4/5
 ऐसा कहा जाता है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने अलग अलग परंपराओं वाले साधुओं को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया था और इसी प्रयासों के कारण अखाड़ों की स्थापना हुई थी. ये अखाड़े एकता के प्रतीक होते हैं और समाज को एकजुट करने के लिए, अध्यात्म और नैतिक ज्ञान देने के लिए जाने जाते हैं.
ऐसा कहा जाता है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने अलग अलग परंपराओं वाले साधुओं को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया था और इसी प्रयासों के कारण अखाड़ों की स्थापना हुई थी. ये अखाड़े एकता के प्रतीक होते हैं और समाज को एकजुट करने के लिए, अध्यात्म और नैतिक ज्ञान देने के लिए जाने जाते हैं.
5/5
आपने कुंभ में आने वाले अखाड़ों के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये अखाड़े क्या होते हैं. अखाड़ा शब्द अखंड का ही अपभ्रंश होता है जिसका अर्थ है जिसके खंड ना हों यानि अविभाजित. अखाड़ों के साधु संत शास्त्रों के साथ शस्त्र विद्या के भी जानकार होते हैं.
आपने कुंभ में आने वाले अखाड़ों के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये अखाड़े क्या होते हैं. अखाड़ा शब्द अखंड का ही अपभ्रंश होता है जिसका अर्थ है जिसके खंड ना हों यानि अविभाजित. अखाड़ों के साधु संत शास्त्रों के साथ शस्त्र विद्या के भी जानकार होते हैं.
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
जगतार सिंह हवारा की पैरोल पर कांग्रेस में दो फाड़? राहुल गांधी के करीबी ने पूछा- और भी कोई काम है?
जगतार सिंह हवारा की पैरोल पर कांग्रेस में दो फाड़? राहुल के करीबी ने पूछा- और भी कोई काम है?
अजिंक्य रहाणे के डेब्यू को लेकर आई बड़ी खबर, नई पारी की होगी शुरुआत
अजिंक्य रहाणे के डेब्यू को लेकर आई बड़ी खबर, नई पारी की होगी शुरुआत
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च

वीडियोज

Mannat-Vikrant के सेट पर 'truth और dare' का तड़काए, क-दूसरे की पोल खोलते आए नजर!
Trisha Krishnan की Cryptic Post ने Vijay-Sangeetha के बीच बढ़ाई Divorce Buzz पर चर्चा
Gold Silver Price: 1 ही दिन में 10,000 महंगी हुई चांदी! सोना 1.55 लाख के पार, मार्केट में आया भूचाल!
Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
‘चर्चा के लिए तैयार, अमित शाह कर रहे इंतजार’, विपक्ष से बोले रिजिजू, लोकसभा स्थगित
जगतार सिंह हवारा की पैरोल पर कांग्रेस में दो फाड़? राहुल गांधी के करीबी ने पूछा- और भी कोई काम है?
जगतार सिंह हवारा की पैरोल पर कांग्रेस में दो फाड़? राहुल के करीबी ने पूछा- और भी कोई काम है?
अजिंक्य रहाणे के डेब्यू को लेकर आई बड़ी खबर, नई पारी की होगी शुरुआत
अजिंक्य रहाणे के डेब्यू को लेकर आई बड़ी खबर, नई पारी की होगी शुरुआत
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
17 साल की उम्र में रिया चक्रवर्ती की 3 लाख महीने थी सैलरी, बोलीं- चेहरा ठीक करवाने पर किया खर्च
कभी इंजन फेल, कभी AC खराब तो कभी नशे में पायलट...आसमान में भारतीय एविएशन की लापरवाही!
कभी इंजन फेल, कभी AC खराब तो कभी नशे में पायलट...आसमान में भारतीय एविएशन की लापरवाही!
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, फरवरी तक संभालेंगे जिम्मेदारी
कृषि छात्रों के सीधे खाते में आएगा पैसा, सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान
कृषि छात्रों के सीधे खाते में आएगा पैसा, सरकार ने कर दिया बड़ा ऐलान
Swine Flu:तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें किन लोगों को ज्यादा खतरा?
तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें किन लोगों को ज्यादा खतरा?
Embed widget