मकर संक्रांति को कुंभ की शुरूआत माना जाता है. मकर संक्रांति माघ मास का पहला दिन होता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है. इस दिन स्नान का अपना ही एक महत्व है. मकर संक्रांति वैसे तो पूरे देश में मनाई जाती है लेकिन संगम नगरी प्रयागराज में इसका ख़ास महत्व है.
2/5
प्रयागराज में कुंभ मेले को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार पवित्र संगम में करोड़ों तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है. कुंभ का पहला स्नान 15 जनवरी 2019 यानि मंगलवार को है. राज्य सरकार के मुताबिक कुंभ के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण मकर संक्रांति के स्नान में 1.2 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. इस बार मकर संक्रांति 14-15 दो दिनों तक मनाई जाएगी. संक्रांति के पहले दिन भी श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई.
3/5
ऐसी मान्यता है कि संगम के पवित्र जल में डुबकी से सारे पाप कट जाते हैं. यहां स्नान करने वाला मनुष्य अपने साथ-साथ अपने पूर्वजों को पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त कर देता है और मोक्ष को प्राप्त हो जाता है.
4/5
कहा जाता है की मकर संक्रांति पर ख़ुद तैंतीस करोड़ देवी-देवता भी गंगा-यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी में आकर स्नान व पूजा अर्चना करते हैं और इस दौरान यहां का पानी अमृत जैसा हो जाता है. देवों की मौजूदगी में संगम स्नान का पुण्य पाने के लिए ही इस बार भी श्रद्धालुओं की भीड़ आस्था की डुबकी लगाएगी.
5/5
राज्य सरकार के मुताबिक, 15 जनवरी (मकर संक्रांति) को 1.2 करोड़, 21 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को 55 लाख, 4 फरवरी (मौनी अमावस्या) को 3 करोड़, 10 फरवरी (बसंत पंचमी) को 2 करोड़, 19 फरवरी (माघी पूर्णिमा) को 1.6 करोड़ और 4 मार्च (महाशिवरात्रि) को 60 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है.