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BHU में लगे आजादी के नारे, FIR वापस लेने की मांग पर अड़े स्टूडेंट्स
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शाम को शुरू हुआ प्रदर्शन जब बीएचयू कैंपस से निकलकर मेन गेट पर पहुंचा तो लंका थाने की पुलिस भी वहां पहुंची. लंका थाने के एसओ संजीव मिश्रा ने स्टूडेंट्स को समझाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि सिर्फ एफआईआर में लिखे गए घटनाक्रम के आधार पर कार्रवाई नहीं होगी. उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि घटना वाले दिन वे भी प्रोक्टोरियल ऑफिस में मौजूद थे. इस मामले में चीफ प्रॉक्टर को घटना और हमले के सबूत देने को कहा गया है. अगर प्रॉक्टर ऑफिस दो-तीन दिन के अंदर लूट, मारपीट, अटेम्प्ट टू मर्डर का कोई सबूत नहीं देता है तो एफआईआर कैंसिल कर दी जाएगी. इसके बाद स्टूडेंट ने देर रात प्रदर्शन समाप्त किया. लेकिन स्टूडेंट्स के रुख को देखते हुए, यह मामला जल्दी शांत होता नहीं दिख रहा है.
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बुधवार को भी स्टूडेंट्स का ग्रुप रोयाना सिंह से इसी मामले में सफाई मांगने प्रोक्टोरियल ऑफिस पहुंचा था. इसके बाद दूसरे दिन यानि गुरुवार को 20 स्टूडेंट्स के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर, लूटपाट, मारपीट और बलवा करने का मुकदमा दर्जा करा दिया गया. स्टूडेंट्स का कहना है कि रोयाना सिंह लगातार बीएचयू की छवि धूमिल कर रही हैं. जब उनसे माफ़ी मांगने को कहा गया तो उन्होंने स्टूडेंट्स के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करा दिया. स्टूडेंट्स का कहना है कि ऐसा बीएचयू के इतिहास में पहली बार हुआ है कि फीमेल स्टूडेंट्स पर अटेम्प्ट टू मर्डर का केस दर्ज हुआ हो.
Published at : 06 May 2018 07:25 AM (IST)
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Source: IOCL

























