NPS Central हुआ लाइव, अब पेंशन मैनेज करना होगा आसान
PFRDA ने 1 अक्टूबर 2026 को NPS सेंट्रल डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इससे ग्राहक पेंशन खाते मैनेज करने, निवेश करने और जरूरी जानकारी पाने जैसी सुविधाओं का लाभ एक ही जगह उठा सकेंगे.

अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. क्योंकि अब आपको पेंशन से जुड़े कई कामों के लिए अलग-अलग पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं होगी. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS Central नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है. इसकी मदद से ग्राहक एक ही जगह से अपने पेंशन खाते की जानकारी देख सकेंगे और निवेश से जुड़े कई काम कर पाएंगे.
इस प्लेटफॉर्म को 1 अक्टूबर 2026 को NPS दिवस के मौके पर लॉन्च किया गया था. इसका मकसद पेंशन सेवाओं को आसान बनाना और ग्राहकों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. आइए जानते हैं कि NPS Central से ग्राहकों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे.
क्या है NPS Central?
NPS Central एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के ग्राहक अपने खाते और निवेश से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म को तीन सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) प्रोटियन, केफिनटेक और CAMS ने मिलकर तैयार किया है.
NPS Central पर मिलेंगी ये सुविधाएं
- आसान लॉगिन: मौजूदा ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और जन्मथिति की मदद से लॉगिन कर सकते हैं. OTP से पहचान वेरिफिकेशन होगी और PRAN नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
- एक ही डैशबोर्ड: ग्राहक अपने NPS खाते और निवेश पोर्टफोलियो की जानकारी एक जगह देख सकेंगे.
- निवेश की सुविधा: मौजूदा योजनाओं में पैसा जमा करने और नए निवेश विकल्पों को देखने की सुविधा मिलेगी.
- योजनाओं की तुलना: ग्राहक अलग-अलग योजनाओं के रिटर्न, सुविधाओं और शुल्क की तुलना कर सकेंगे.
- खाते की जानकारी: व्यक्तिगत विवरण अपडेट करने, स्टेटमेंट डाउनलोड करने और निवेश की स्थिति देखने की सुविधा मिलेगी.
- शिकायत दर्ज करना: ग्राहक पेंशन से जुड़ी समस्याओं के लिए शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे.
नए ग्राहकों के लिए भी आसान होगी प्रक्रिया
नपस में नया खाता खोलने वालों को AI की मदद से पंजीकरण की सुविधा मिलेगी. पहचान सत्यापन के लिए सेंट्रल KYC (CKYC) और डिजीलॉकर का इस्तेमाल किया जा सकेगा. AI असिस्टेंट ग्राहकों के सवालों के जवाब देने में भी मदद करेगा. सफल पंजीकरण के बाद इलेक्ट्रॉनिक PRAN (e-PRAN) और जरूरी खाता सेवाओं का एक्सेस मिलेगा. हालांकि, लागू नियमों और शर्तों के मुताबिक पंजीकरण शुल्क शून्य है.
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