दिल्ली में एक आदमी कितने ई-रिक्शा रख सकेगा? बिना ECC सर्टिफिकेट नहीं चलेगा
दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने और एक व्यक्ति को अधिकतम 5 ई-रिक्शा रखने और चलाने के लिए ECC सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है.

- यह केवल ड्राफ्ट है, जनता से सुझाव मांगे गए हैं।
अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो आपने भी ये देखा होगा कि राजधानी में दिन ब दिन ई-रिक्शा की संख्या बढ़ती जा रही है. मेट्रो स्टेशन से लेकर कॉलेज और ऑफिस के बाहर भी ई-रिक्शा खड़े रहते हैं. अगर आप ई-रिक्शा चलाते हैं या फिर इसका इस्तेमाल करते हैं तो सरकार ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है. यानी आने वाले कुछ समय में राजधानी में ई-रिक्शा को लेकर बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
दिल्ली ई-रिक्शा स्कीम 2026 के तहत राजधानी में कुल संख्या 2.5 लाख रखने का प्रस्ताव है. ऐसे में अब जानते हैं कि आखिर एक व्यक्ति दिल्ली में कितने ई-रिक्शा रख सकेगा. वहीं ECC से जुड़े नियमों के बारे में भी जानिए.
क्या है ECC सर्टिफिकेट?
ECC यानी ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट ये एक डिजिटल सर्टिफिकेट होगा. इसकी मदद से ये पता चलेगा कि ई-रिक्शा के सारे जरूरी दस्तावेज पूरे हैं या नहीं. इसके साथ ही नियमों का पालन किया जा रहा है. ध्यान रखें, प्रस्ताव के मुताबिक, ई-रिक्शा चलाने के लिए ECC सर्टिफिकेट का होना जरूरी होगा और ये सर्टिफिकेट 2 साल के लिए मान्य होगा. ऐसे में बात करते हैं कि एक व्यक्ति कितने ई-रिक्शा रख सकेगा?
एक व्यक्ति कितने ई-रिक्शा रखेगा?
प्रस्ताव के मुताबिक, दिल्ली का कोई भी आदमी अपने नाम पर अधिकतम 5 ई-रिक्शा ही रख सकेगा. इसके अलावा फर्म, कंपनियां, सहकारी समितियां, ड्राइविंग स्कूल और NGO 100 तक ई-रिक्शा रख सकेंगे.
कितनी सवारी बिठा सकेंगे?
ड्राफ्ट प्रस्ताव के मुताबिक, दिल्ली में एक ई-रिक्शा में ड्राइवर के अलावा 4 सवारी को बिठाने की परमिशन होगी. अभी आपने देखा होगा कि ई-रिक्शा में 4 सवारी पीछे बैठती हैं और 2 सवारी ई-रिक्शा ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठती हैं. लेकिन अब ई-रिक्शा से जुड़े कई नियमों में बदलाव हो सकता है.
कैसे बनेगा ECC सर्टिफिकेट?
अहम बात ये है कि दिल्ली सरकार ने इस पॉलिसी का फिलहाल ड्राफ्ट जारी किया है. हां, लेकिन इसके लागू होने के बाद ECC सर्टिफिकेट बनाने का प्रोसेस अलग-अलग तरीके से पूरा किया जा सकेगा.
नियम लागू नहीं हुए हैं?
जी नहीं, फिलहाल दिल्ली सरकार ने इस स्कीम का केवल ड्राफ्ट जारी किया है. इसे अंतिम रूप देने से पहले आम लोगों से 1 महीने के अंदर राय मांगी है. यानी फिलहाल ये केवल एक ड्राफ्ट है सरकार ने अभी इसे लागू नहीं किया है.
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