एक्सप्लोरर
शराब की दुकान खोलने के फैसले को गलत बता रहे थे, सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना लगा दिया! | ABP Uncut
देश भर में शराब की दुकानों को बंद करने और शराब की बिक्री पर दिशानिर्देश तय किए जाने की मांग कर रहे दो याचिकाकर्ताओं पर कोर्ट ने आज 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने इन याचिकाओं को समय बर्बाद करने वाला बताया. कहा, “ऐसी याचिकाएं सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दाखिल की जाती हैं." दोनों ही मामले में याचिकाकर्ता पेटीशनर इन पर्सन थे. यानी बिना वकील के खुद याचिकाकर्ता सीधे पेश हुए थे. जस्टिस एल नागेश्वर राव, संजय किशन कौल और बी आर गवई के सामने पहले याचिकाकर्ता जो आइटम नंबर 6 में पेश हुए, उनका नाम था प्रशांत कुमार.याचिकाकर्ता ने दलील दी कि शराब की दुकानों को खोल दिए जाने से जो भीड़ उमड़ी है, उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है. इसलिए, सभी दुकानों को बंद कर दिया जाए. इस पर कोर्ट ने कहा, “सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं. दुकानदार बाहर खड़ा होकर नहीं देख सकता है कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरी तरह से पालन हो रहा है या नहीं. अगर कहीं इसका उल्लंघन हो रहा है, तो इसे देखना प्रशासन का काम है. इसकी शिकायत प्रशासन को की जा सकती है."
और देखें
टॉप हेडलाइंस
इंडिया
महाराष्ट्र
क्रिकेट
बॉलीवुड

डॉ. ख्याति पुरोहितस्वतंत्र पत्रकार व अध्यापिका
Opinion























