ऐतिहासिक Economic Crisis से निकलने में Sri Lanka को लगेगा लंबा समय, इस बीच देश में छाया एक और संकट
ऐतिहासिक आर्थिक संकट के बीच, श्रीलंका भारी राजनीतिक अस्थिरता से भी गुज़र रहा है. संख्या बल के मामले में गोटबाया राजपक्षे की सरकार संसद में लड़खड़ा रही है. हाल ही में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा पूरी कैबिनेट इस्तीफा दे चुकी है. वित्त मंत्री को बदला जा चुका है. सेंट्रल बैंक के लिए नए गवर्नर की तलाश जारी है. इन सबके बीच इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का कहना है कि वो श्रीलंका की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है. मीडिया रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा जा रहा है कि भारत जैसे पड़ोसी देश की मदद के बावजूद श्रीलंका में स्थिति सुधरने में कम से कम 6 महीने तक का समय लग सकता है. इस बीच श्रीलंका के तमाम बड़े शहरों में सड़कों पर प्रदर्शन की आग़ तेज़ हो रही है. इस देश में राष्ट्रपति के पास अकूत ताकत होती है. ऐसे में देश को बर्बाद होने करने का ज़िम्मेदार राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनके परिवार को ठहराया जा रहा है. हर विकट स्थिति में इमरजेंसी का रास्ता अपनाने वाले श्रीलंका ने हाल ही में देश में लगाई गई इमरजेंसी हाट ली है. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया का इस्तीफ़ा मांगते हुए 'गो गोटा गो' के नारे लगा रहे हैं. लेकिन देश को डुबाने के बावजूद गोटबाया राजपक्षे हटने को तैयार नहीं है. इस वीडियो श्रीलंका में बिगड़ती राजनीति परिस्थिति पर बात करेंगे और जानेंगे कि ये पड़ोसी देश किधर जा रहा है.





















