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मर्डर से पहले... 'जिंदा लाश' का आखिरी बयान !
बेखौफ बदमाशों की बंदूक ने आग उगली...और देखते ही देखते लाश में तब्दील हो गया- एक जिंदा इंसान । सड़क पर दौड़ती हुई एक कार आंधी की तरह आई....और एक शख्स को रौंदते हुए आंखों से ओझल हो चली गई । ये दोनों खूनी मंजर अलग-अलग शहरों के हैं...लेकिन दोनों की कहानी एक जैसी है। एक जैसी इसलिए... क्योंकि दोनों खूनी मंजरों की गवाही सीक्रेट आंख ने दी थी... जी हां, सीक्रेट आंख...यानी वो तीसरी आंख जो हर वक्त... जागती रहती है। वो तीसरी आंख- जो पलक झपके बगैर सबकुछ देखती रहती है। आप भी देखिए...तीसरी आंख की गवाही से बेपर्दा हुए ऐसे ही कुछ गुनाहों की दास्तान...जिनके खुलासे ने सारे शहर में फैला दी- सनसनी ।
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श्रीप्रकाश सिंह, प्रोफेसरकुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल उत्तराखंड
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