कुंभ से पहले दो बड़े स्नान पर होगी मेला प्रशासन की परीक्षा, एसओपी पालन की बड़ी जिम्मेदारी
हरिद्वार में होने वाले कुंभ को लेकर तैयारियां जोरशोर से की जा रही हैं. यही नहीं केंद्र द्वारा जारी एसओपी का पालन कराना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी.

हरिद्वार: हरिद्वार में कुंभ से पहले दो बड़े स्नान होने जा रहे हैं. यह दोनों स्नान फरवरी में ही होंगे. पहला 11 फरवरी को मौनी अमावस्या और दूसरा 16 फरवरी को बसंत पंचमी का स्नान है. ऐसे में इन स्नानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आने की उम्मीद जताई जा रही है. लेकिन केंद्र सरकार की एसओपी का पालन कराना मेला प्रशासन और जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती हो सकता है और इसे ट्रायल के तौर पर भी देखा जा रहा है.
हरिद्वार महाकुंभ इस बार 12 साल के जगह 11 साल में आयोजित हो रहा है. कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए धर्मनगरी हरिद्वार में तरह-तरह की तैयारियां की जा रही हैं. हालांकि तैयारी अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन कोरोना की वजह से कुंभ इस बार सीमित होता जा रहा है. वहीं, केंद्र द्वारा जारी की गई एसओपी की वजह से राज्य सरकार भी कुंभ की अवधि को छोटा करने पर विचार कर रही है.
मौनी अमावस्या पर प्रशासन की परीक्षा
लेकिन राज्य सरकार और मेला प्रशासन को केंद्र की एसओपी जारी होने के बाद बड़ी परीक्षा 11 फरवरी को मौनी अमावस्या और 16 फरवरी को बसंत पंचमी के स्नान पर होने जा रही है, क्योंकि इन स्नान से पहले भी हरिद्वार में आ रहे लोग कोविड के नियमों का पालन करते नजर नहीं आ रहे. श्रद्धालु बिना मास्क के ही हर की पौड़ी, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य स्थानों पर बेझिझक घूम रहे हैं. ऐसे में इन दो स्नानों पर केंद्र सरकार की एसओपी का ट्रायल भी माना जा रहा है.
वहीं, केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई एसओपी के बाद स्नान के मद्देनजर बॉर्डर एरिया इस पर भी चेकिंग व्यवस्था बढ़ाने की बात की जा रही है. हरिद्वार एसएसपी डी सेंथिल अबू दाई का कहना है कि उत्तराखंड के बॉर्डर एरिया में इन स्नानों के मद्देनजर चेकिंग बढ़ा दी जाएगी.
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