अयोध्या में हुई धर्म संसद, हनुमान चालीसा का किया गया सामूहिक पाठ, संतो ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत
राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। कोर्ट ने अब बहस की समयसीमा तय कर दी है। अदालत ने कहा कि सुनवाई को 18 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाये। इस फैसले के बाद अयोध्या में धर्म संसद हुई, जहां समत समाज ने इसका स्वागत किया

अयोध्या, एबीपी गंगा। राम मंदिर और बाबरी पक्ष मामले में एक अहम मोड़ अब सुप्रीम कोर्ट ने दिया है जहां पर उसने मियाद तय की है कि 18 अक्टूबर तक सुनवाई को पूरा कर लिया जाए। अब अयोध्या के संत समाज भी खुलकर सामने आए हैं और हनुमान चालीसा का पाठ सामूहिक रूप से संत समाज के लोगों ने किया है और अयोध्या में एक सनातन धर्म संसद का आयोजन किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रमुख संत समाज के लोग शामिल हुए और उन लोगों ने मिलकर हनुमान जी से राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं के दिन खत्म करने का आशीर्वाद मांगा है।
संत समाज के लोगों ने एक सुर में मंच से राम मंदिर के लिए गुहार लगाई और आशा व्यक्त की कि महज चंद दिनों में अब राम मंदिर के पक्ष में फैसला आ जाएगा। संत समाज के लोगों का दावा है कि राम मंदिर निर्माण में आ रही और बाधाओं को खत्म करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं और साथ ही संत समाज के लोगों ने कोर्ट का भी स्वागत किया है और अब जल्द ही राम मंदिर का ऐतिहासिक फैसला आने वाला है इस तरीके का आश्वासन भी संत समाज को है।
70 सालों से चल रहे राम मंदिर और बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 18 अक्टूबर की डेडलाइन तय की है। अयोध्या में भी खुशी का माहौल है। इसी क्रम में अयोध्या के संतों ने सनातन धर्म संसद का एक भव्य आयोजन किया जिसमें अयोध्या के प्रमुख संत महंत शामिल हुए और उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ सामूहिक रूप से किया। इस पाठ का उद्देश्य राम जन्म भूमि की बाधाओं को समाप्त करना था और जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो, साथ ही संत समाज ने कोर्ट का भी स्वागत किया है और उनका कहना है कि कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। संतो ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी है तो मुमकिन है। और देश में रामराज्य स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री कर रहे हैं। साथ ही संत समाज के लोगों ने देश में गौ रक्षा, धारा 370 और समान नागरिक संहिता जैसे अहम मुद्दों पर भी मोदी सरकार गंभीर है अब जल्दी वह समय आ गया है कि जब भगवान राम के मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा और जल्द ही मंदिर में भगवान राम विराजमान होंगे।
इस सनातन धर्म संसद में अयोध्या के प्रमुख संत शामिल हुए थे। जिसमें से पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती, राम जन्मभूमि के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जगतगुरु राम दिनेशाचार्य निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास समेत दर्जनों अयोध्या के वरिष्ठ संत शामिल थे और सब ने मिलकर सैकड़ों की संख्या में संतों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया और भगवान हनुमान जी से राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं को खत्म करने का आशीर्वाद मांगा।
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