महाशिवरात्रि पर देवभूमि उत्तराखंड में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव
Uttarakhand News: देवभूमि में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवालयों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. कई स्थानों पर पूरी रात भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया.

देवभूमि उत्तराखंड में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवालयों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. शिव और शक्ति के मिलन के इस पवित्र पर्व पर तड़के से ही मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. राजधानी देहरादून सहित प्रदेशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं
भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पंचामृत, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, सफेद पुष्प, कमलगट्टा और आक के फूल अर्पित किए. कई स्थानों पर पूरी रात भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया. मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व शिव और शक्ति की आराधना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि हमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है. इस साल महाशिवरात्रि पर कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है. कुंभ राशि में बुधादित्य, शुक्रादित्य, लक्ष्मी नारायण और चतुर्ग्रही योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, ध्रुव और व्यतिपात योग भी रहेंगे, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है.
भगवान शिव की आराधना तीन प्रकार से होती है- सात्विक, राजसिक और तामसिक
नारायण ज्योतिष संस्थान के आचार्य विकास जोशी के अनुसार भगवान शिव की आराधना तीन प्रकार—सात्विक, राजसिक और तामसिक—भाव से की जाती है. सात्विक पूजा में दूध, दही, घी, शहद, फल और मिठाई अर्पित की जाती है, जबकि राजसिक और तामसिक पूजन में भांग, धतूरा, रुद्राक्ष और भस्म से शिव को प्रसन्न किया जाता है.
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी शाम 5 बजकर 4 मिनट से प्रारंभ होकर 16 फरवरी शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी. यह पावन रात्रि आत्मशुद्धि, साधना और शिव कृपा प्राप्ति का दुर्लभ अवसर मानी जाती है.
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Source: IOCL


























