गृह मंत्रालय के इस फैसले पर भड़के डिंपल-अखिलेश, कहा- 'चारों दिशाओं से...'
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार को अगर ये लग रहा है कि किसी जगह को बंद कर देने से वो आम आदमी की न्याय की आवाज दबा देगी तो ये सरकार की सबसे बड़ी भूल है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज सोमवार (12 अक्तूबर, 2026) को जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने के आदेश दिया है. अब इस आदेश पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है. सपा सांसद अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.
सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा की कोई भी धरना प्रदर्शन से नहीं रोक सकता. अखिलेश यादव से जब जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा हम जहाँ भी विरोध-प्रदर्शन करेंगे, वही जगह जंतर-मंतर होगी. ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए.
अखिलेश ने कहा हमारी जिम्मेदारी लोकतंत्र को बचाने की है और भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है, हमेशा के लिए सरकार में रहना चाहती है. सरकार हमारी बात सुने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटा देना चाहिए. बीजेपी को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए. हमारा संघर्ष लगातार चलता रहेगा.
इसके साथ ही सपा सांसद डिंपल यादव ने इस मामले पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट सोशल मीडिया पर लिखा है. समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि जगह बदलने से जन-जागरण नहीं रोक पाओगे. जंतर-मंतर से गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन स्थल का दर्जा छीन लिया है. सरकार को अगर ये लग रहा है कि किसी जगह को बंद कर देने से वो आम आदमी की न्याय की आवाज दबा देगी तो ये सरकार की सबसे बड़ी भूल है.
डिंपल यादव ने कहा कि वोट-चोरी, चंदा चोरी, पर्चा लीक, महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ता अपराध, हर जगह व्याप्त भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हर भारतीय की आवाज ही जंतर मंतर बन चुकी है. हर चौपाल, हर नुक्कड़, हर पगडंडी, हर सड़क, हर गाँव, हर घर, हर व्यक्ति जो बचाने निकला है लोकतंत्र..अब है जंतर- मंतर. चारों दिशाओं से स्पष्ट आवाज ये आती है, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है.
क्या है पूरा मामला
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी और इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया है. तीन नई जगहें तय की गई हैं, जिसमें पूर्वी दिल्ली का रामलीला ग्राउंड, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड है. बता दें कि गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल जंतर-मंतर की जगह वैकल्पिक स्थलों की जांच के लिए कमेटी बनाई थी. कमेटी की सिफारिश पर जंतर-मंतर को विरोध और प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया गया.
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