पंजाब: सफाई कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, जानें मांगे
पंजाब के सफाई और सीवरेज कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. उनकी मांगों में नौकरी पक्की करना और सैलरी बढ़ाना शामिल हैं. ये उनकी पांचवी हड़ताल है और ठोस कदम के बाद ही खत्म होगी.

पंजाब के बठिंडा में शनिवार (19 सितंबर) को सफाई और सीवरेज कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. अपनी मांगों को लेकर ये कर्मचारी सुबह ही नगर निगम के दफ्तर पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की. कर्मचारियों का कहना है कि ये उनकी पांचवी हड़ताल है और इस बार जबत तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते तब तक वो हड़ताल खत्म नहीं करेंगे.
उनका कहना है कि उन्हें बार-बार केवल आश्वासन दिया जाता है लेकिन मांगे पूरी नहीं की जाती. इस हड़ताल से पंजाब के शहरों में डोर-टू-डोर कचरा उठान और सीवरेज की साफ-सफाई प्रभावित हो रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.
Bathinda, Punjab: On the indefinite strike by sanitation and sewerage workers over their demands, an employee says, “This is the fifth strike. Every time, we are given assurances that the contractual employees, many of whom have been working for more than 10 years, will be… pic.twitter.com/oC8JqupsVx
— IANS (@ians_india) September 19, 2026
पांचवी बार हड़ताल पर कर्मचारी
एक कर्मचारी ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, "यह पांचवीं हड़ताल है. हर बार हमें आश्वासन दे दिया जाता है कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को स्थाई कर दिया जाएगा. इनमें से कई 10 साल से ज़्यादा समय से काम कर रहे हैं, उन्हें रेगुलर करने का आश्वासन दे दिया जाता है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है. उनकी सैलरी बहुत कम है और वो गुजारा नहीं हो पा रहा है. वो बच्चों को पढ़ाने या ठीक से खाना खाने का खर्च भी नहीं उठा पाते हैं, इसीलिए हम पांचवीं बार हड़ताल पर हैं." कर्मचारी ने आगे कहा, "हर बार कह दिया जाता है कि आपकी मांगे पूरी कर दी जाएगी, लेकिन इस बार ये हड़ताल नहीं रूकेगी जब तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जाता."
क्या है मांगे?
कर्मचारियों की मांग 450 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने की है, जिन्होंने सेवा के जरूरी साल पूरे कर लिए हैं. कर्मचारियों की मांग उनके मासिक वेतन को बढ़ाने की भी है क्योंकि मौजूदा वेतन बढ़ती मंहगाई में दैनिक खर्च के लिए पर्याप्त नहीं है. इसके अलावा रुके हुए वेतन और मंहगाई भत्ते का भुगतान करने, खाली पदों को भरने की मांग भी शामिल है. बता दें कि इससे पहले कर्मचारियों ने जुलाई और अगस्त 2026 की शुरुआत में हड़ताल किया था.
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