Punjab News: मोहाली में प्रधानमंत्री कैंसर अस्पताल का कर सकते हैं उद्घाटन, मोदी का AAP सरकार में पहला दौरा
पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 24 अगस्त को मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करने के लिए आ सकते हैं.

Chandigarh News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अगले हफ्ते मोहाली (Mohali) में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब (Punjab) की यात्रा करने की संभावना है. पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की अंतिम पुष्टि की अभी प्रतीक्षा है. उनके अनुसार मोदी के 24 अगस्त को मोहाली आने की संभावना है.
होमी भाभा 300 बिस्तरों वाला अस्पताल
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र 300 बिस्तरों वाला अस्पताल है जो फिलहाल आंशिक रूप से चल रहा है. पंजाब के मुख्य सचिव वी के जांजुआ ने मंगलवार को इस स्थल का दौरा किया था तथा परियोजना की प्रगति की समीक्षा की थी. सर्जिकल कैंसर विज्ञान, मेडिकल कैंसर विज्ञान, विकिरण कैंसर विज्ञान, रोकथाम कैंसर विज्ञान, एनीसथीसिया एवं प्रशामक जैसे विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभागों ने कामकाज शुरू कर दिया है.
इससे पहले पंजाब दौरे पर हुई थी सुरक्षा चूक
अधिकारी ने कहा कि यह अस्पताल न केवल पंजाब बल्कि जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के मरीजों को कैंसर उपचार की सुविधा प्रदान करेगा. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस सरकार के समय पंजाब के फिरोज़पुर में रैली करने वाले थे, लेकिन रैली स्थल पर जाते वक्त सड़क पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक दिया, जिसके चलते उन्हें करीब 20 मिनट तक इंतज़ार करना पड़ा. कुछ देर इंतज़ार करने के बाद पीएम मोदी के काफिले को वापस लौटना पड़ा. इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पूरी घटना को पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक माना था.
कहां फंसा था काफिला?
बठिंडा से पीएम मोदी का काफिला राष्ट्रीय शहीद स्मारक के लिए निकला. लेकिन मंज़िल से करीब 30 किलोमीटर दूर जब प्रधानमंत्री मोदी का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा तो, वहां कुछ प्रदर्शनकारी सड़क को जाम कर चुके थे. इसकी वजह से पीएम मोदी को 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर ही फंसे रहना पड़ा. इसके बाद पीएम को वहां से वापस लौटना पड़ा. गृह मंत्रालय ने इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक बड़ी चूक बताया.
























