बिहार में फरक्का जल संधि पर क्यों मचा है घमासान? आज से JDU का 'नीतीश संवाद'
फरक्का जल संधि पर JDU के ‘नीतीश संवाद’ के दूसरे चरण की शुरुआत आज से होगी. 6 से 9 अक्टूबर तक सारण, वैशाली, समस्तीपुर और पटना में कार्यक्रम होंगे.

फरक्का जल संधि को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत मंगलवार यानी आज(6 अक्टूबर 2026) से होगी. दूसरे चरण में 6 से 9 अक्टूबर तक बिहार के चार जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. JDU के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य फरक्का जल संधि और इससे बिहार को होने वाली कथित समस्याओं को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है.
JDU के कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर को सारण, 7 अक्टूबर को वैशाली, 8 अक्टूबर को समस्तीपुर और 9 अक्टूबर को पटना में ‘नीतीश संवाद’ आयोजित किया जाएगा. पार्टी इससे पहले गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में इस मुद्दे को लेकर जनसंवाद अभियान शुरू कर चुकी है.
यह भी पढ़ें- पूरे बिहार में DJ पर रोक, हुड़दंगियों की खैर नहीं, दुर्गा पूजा पर गाइडलाइन जारी
फरक्का समझौते को लेकर JDU का क्या तर्क?
JDU का कहना है कि फरक्का बैराज और जल बंटवारे की मौजूदा व्यवस्था से बिहार लंबे समय से प्रभावित हो रहा है. पार्टी का दावा है कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा हुआ है, जिससे मानसून के दौरान उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या बढ़ती है. वहीं गर्मियों में कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बनती है.
दिसंबर 2026 में खत्म होगी संधि
भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को गंगा जल बंटवारे को लेकर 30 साल की संधि हुई थी. इसके तहत फरक्का में जनवरी से मई के बीच गंगा के पानी का बंटवारा तय फॉर्मूले के आधार पर होता है. संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है.
मौजूदा स्वरूप में आगे नहीं बढ़ाने की मांग
JDU चाहती है कि फरक्का जल समझौते को उसके मौजूदा स्वरूप में आगे नहीं बढ़ाया जाए. पार्टी का कहना है कि संधि की अवधि समाप्त होने से पहले बिहार के हितों और राज्य की भविष्य की जल जरूरतों पर चर्चा जरूरी है. वहीं केंद्र सरकार के स्तर पर फरवरी 2026 में संसद में बताया गया था कि संधि के नवीनीकरण को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच बातचीत अभी शुरू नहीं हुई थी.
यह भी पढ़ें- दिल्ली के पुलिस कमिश्नर पर भड़के आरके सिंह, पूछा- 'किस आधार पर…'




















