By: एबीपी न्यूज़/एजेंसी | Updated at : 31 Aug 2016 12:57 PM (IST)
लखनऊ: विधानसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में संसदीय कार्य मंत्री आजम खान के 'आपत्तिजनक बयान' पर बीजेपी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी. प्रश्नकाल में सदन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री ने मोदी पर निशाना साधते हुए उनकी आलोचना में कुछ टिप्पणी की, जिस पर बीजेपी के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और सदन के बीचो-बीच आकर खान के 'अपमानजनक शब्दों' को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की.

‘आपत्तिजनक बयान’ को लेकर सदन में हंगामा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में संसदीय कार्य मंत्री आजम खान के ‘आपत्तिजनक बयान’ को विधानसभा की कार्यवाही से बाहर करने की मांग को लेकर बीजेपी सदस्यों के हंगामे की वजह से आज निचले सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिये स्थगित कर दी गयी.
प्रश्नकाल में सदन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान खान ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उनकी आलोचना में कुछ टिप्पणी की जिसपर बीजेपी के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और सदन के बीचोंबीच आकर खान के ‘अपमानजनक शब्दों’ को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की.
खान ने जवाब देते हुए कहा कि देश यह जानना चाहता है कि जब हमारे बादशाह (पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को) जन्मदिन की मुबारकबाद दे रहे थे, उस वक्त उनके साथ कमरे में और कौन मौजूद था.
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने बीजेपी सदस्यों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर गौर करेंगे, मगर इसके बावजूद वे अपने-अपने स्थान पर नहीं गये. इस पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिये 12 बजकर 20 मिनट तक स्थगित कर दी.
'...तो उस वारदात को होने से रोका जा सकता था'
इसके पूर्व, बीजेपी सदस्य सुरेश कुमार खन्ना ने सरकार से गत 19 जुलाई को बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ हुए गैंग रेप केस में ‘1090 महिला हेल्पलाइन’ की कार्रवाई के बारे में जानना चाहा और कहा कि अगर हेल्पलाइन से समुचित मदद मिली होती तो उस वारदात को होने से रोका जा सकता था.

खन्ना ने राज्य में पुलिस पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व में जब किसी पुलिसकर्मी पर हमला होता था तो अभियुक्त का घर तक खोद दिया जाता था. संसदीय कार्य मंत्री आजम खान ने खन्ना के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य की एसपी सरकार कानून के दायरे में रहकर काम करती है.
खान के बयान से असंतुष्ट खन्ना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कल खान के खिलाफ टिप्पणी की है और अगर उनमें जरा सी भी नैतिकता बची है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिये. खन्ना यह कहते हुए अपने साथी बीजेपी सदस्यों के साथ सदन से बाहर चले गये. खान ने कहा कि यह सही है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ जरूर टिप्पणी की है और वह उस पर कोर्ट में जवाब देंगे.
उन्होंने कहा ‘‘कोर्ट ने उसे उपलब्ध कराये गये तथ्यों के आधार पर टिप्पणी की है. मैं उसे अपना जवाब दूंगा. जहां तक रेप पीड़ितों पर मेरे रुख का सवाल है तो ऐसे मामलों में इस्लामी कानूनों के मुताबिक फैसला होना चाहिये और दोषी लोगों को संगसार (पत्थर मार-मार कर हत्या) कर देना चाहिये.’’
खान ने कहा ‘‘एक मंत्री के रूप में जब मैं कहता हूं कि एक ही जैसी लगातार चार-पांच घटनाओं की सचाई सामने आनी चाहिये, तो एक पार्टी को इतनी फिक्र क्यों हो जाती है. मामले (बुलंदशहर रेप केस) की सीबीआई जांच जारी है. सरकार भी ऐसी घटनाओं को लेकर फिक्रमंद है.’’
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