यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान देगी सरकार, बढ़ सकता है रेल किराया

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बात के संकेत दिए हैं कि सरकार लोकलुभावन घोषणाओं के बजाए यात्री सुविधाओं पर ध्यान देगी और उन सुविधाओं की कीमत यात्रियों को देनी होगी यानी कुल मिलाकर रेल किराया बढ़ सकता है.
रेलवे के खर्च का भी हिसाब किताब रखेंगे जेटली
देश के इतिहास में कई साल बाद ऐसा मौका आएगा जब रेल बजट अलग से नहीं पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री आम बजट के लिए साथ ही रेलवे के खर्च का भी हिसाब किताब रखेंगे.
वहीं रेल किराए तय करने का काम भी अब सरकार अपने पास नहीं रखना चाहती. इसके लिए एक रेल डेवलेपमेंट अथॉरिटी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. यह अथॉरिटी एक स्वतंत्र रेग्यूलेटर की तरह काम करेगी और इसके 3 प्रमुख काम होंगे.
पहला- रेल किराए को तय करना
दूसरा- रेलवे के परफॉर्मेंस संबंधी स्टैंडर्ड सेट करना
तीसरा अलग-अलग संस्थाओं के साथ विवाद का निपटारा करना.
खास बात ये है की सरकार इस अथॉरिटी को लाने के लिए कानूनी रास्ता अख्तियार नहीं करेगी. इसे एग्जिक्यटिव ऑर्डर के हिसाब से लाया जाएगा यानी कैबिनेट के पास करते ही रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनने के रास्ता साफ हो जायेगा.
रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी रेलवे के साथ साथ उससे जुड़ी सुविधाओं के सुधार पर भी ध्यान देगी. वित्त मंत्री ने संकेत दे दिया है कि सुविधाओं के लिए यात्रियों को उसकी कीमत भी देनी होगी.
वित्त मंत्री ने साफ किया कि जैसे हवाई सफर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के लिए यात्रियों से कीमत वसूली जाती है, वैसे ही रेलवे को सफल बनाने के लिए भी ये कदम जरूरी है. फिलहाल रेलवे हर टिकट पर यात्रा का 57 फीसदी किराया वसूलती है और बाकी की रकम पर सब्सिडी दी जाती है.
Source: IOCL























