राफेल विवाद: राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को दी सलाह, बिना सबूत सरकार पर आरोप न लगाएं
गृह मंत्री अमरेली में सहकारी समिति क्षेत्र की एक बैठक में शामिल होने के लिए आए थे. उन्होंने गांधी को सलाह दी कि उन्हें बिना सबूत के आरोप नहीं लगाने चाहिए.

अमरेली: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बिना सबूत राफेल मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाने की सलाह दी. गृहमंत्री ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के हवाले से फ्रांसीसी मीडिया आयी खबर की पुष्टि से सच्चाई का खुलासा हो जाएगा.
ओलांद के हवाले से फ्रांस की मीडिया की खबर में कथित रूप से कहा गया है कि भारत सरकार ने 58000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान सौदे में अनिल अंबानी नीत रिलायंस डिफेंस को दसाल्ट एविएशन के साझेदार के तौर पर प्रस्तावित किया और फ्रांस के पास कोई विकल्प नहीं था. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘सरकार ने मुद्दे पर एक बयान जारी किया है. पहले खबर का सत्यापन होने दीजिए. उससे स्थिति स्पष्ट होगी, उससे सच्चाई का खुलासा हो जाएगा.’’
गृह मंत्री अमरेली में सहकारी समिति क्षेत्र की एक बैठक में शामिल होने के लिए आए थे. उन्होंने गांधी को सलाह दी कि उन्हें बिना सबूत के आरोप नहीं लगाने चाहिए. यह पूछे जाने पर कि वह राहुल गांधी से क्या कहना चाहेंगे जो सौदे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम घसीट रहे हैं, राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘किसी को भी कोई आधारहीन आरोप लगाने से पहले चार बार सोचना चाहिए. किसी को भी सबूत के बिना आरोप नहीं लगाने चाहिए.’’ राहुल गांधी ने इस मामले में मोदी का नाम यह आरोप लगाते हुए घसीटा था कि प्रधानमंत्री राफेल घोटाले में शामिल हैं.
इससे पहले यहां एक बैठक में 11 सहकारी समितियों के सदस्यों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने उनसे प्रधानमंत्री के 2022 तक सभी के लिए आवास के सपने को पूरा करने के लिए आवास क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए कहा. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री का एक सपना है कि देश में सभी के पास एक घर होना चाहिए और उनका सपना आसानी से पूरा हो सकता है यदि सहकारी क्षेत्र आवास क्षेत्र में (हिस्सा लेने के लिए) आगे आये.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को किफायती घर मिल सकते हैं यदि सहकारी क्षेत्र आवास क्षेत्र में प्रवेश करे तो.’’
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र में सहकारी क्षेत्र सक्रिय है और ऐसी गतिविधि की दूसरे राज्यों में भी जरूरत है. उन्होंने कहा कि कृषि कर्ज पर ब्याज दर पहली बार तब घटाए गए थे जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे और वह केंद्रीय कृषि मंत्री थे. उन्होंने कहा, ‘‘अब मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि यहां पर सहकारी बैंक शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि कर्ज दे रहे हैं.’’ उन्होंने कहा,‘‘भारत की समृद्धि किसानों की समृद्धि पर निर्भर करती है. यदि देश का किसान समृद्ध होगा, भारत को समृद्ध बनने से कोई रोक नहीं सकता.’’
Source: IOCL


























