एक्सप्लोरर

Operation Sindoor Anniversary: 365 दिन पहले PM मोदी बोले- 'ऑपरेशन सिंदूर', पाकिस्तान हो गया तहस-नहस! अमेरिका तक कैसे गूंजा भारत

Operation Sindoor Anniversary: इस ऑपरेशन का नाम 'सिंदूर' इसलिए रखा गया था क्योंकि यह उन भारतीय महिलाओं के सिंदूर का बदला था, जिन्होंने इन आतंकी हमलों में अपने पति खोए थे. यह नाम PM मोदी ने दिया था.

आज से ठीक एक साल पहले 6-7 मई 2025 की दरमियानी रात को भारत ने इतिहास का सबसे साहसिक और बड़ा सैन्य अभियान अंजाम दिया था. इस अभियान का नाम था 'ऑपरेशन सिंदूर'. यह नाम खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा था, जो भारतीय सैन्य इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ. यह कार्रवाई महज एक बदले की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारत की सैन्य रणनीति, कूटनीतिक चतुराई और सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त न करने की नीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन गई.

 

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को 4 दिनों में घुटनों पर ला दिया था.
ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को 4 दिनों में घुटनों पर ला दिया था.

पहलगाम कांड: वो घाव जिसने ऑपरेशन की नींव रखी

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में एक भयानक आतंकी हमला हुआ, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस नृशंस हमले में आतंकियों ने 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. पीड़ितों की पहचान का आधार धर्म बनाया गया था, मारे गए सभी पुरुष हिंदू और 1 मुसलमान थे. इस हमले ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान से चलने वाला आतंकी नेटवर्क एक बार फिर भारत की अखंडता को चुनौती दे रहा था. भारत की ओर से जवाब देना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरी हो गया था.

आधी रात को पाकिस्तान में सेंध: कैसे अंजाम दिया गया 'ऑपरेशन सिंदूर'?

पहलगाम हमले के ठीक दो हफ्ते बाद 7 मई 2025 की अल सुबह 1:05 बजे भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने एक साथ मिलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की. यह आधी सदी में भारत का सबसे बड़ा बहु-आयामी युद्ध अभियान था.

सिर्फ 25 मिनट में भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. यह कोई आम कार्रवाई नहीं थी, इसमें AI और डेटा नेटवर्किंग के जरिए टारगेट का चयन किया गया. स्टैंड-ऑफ हथियारों का इस्तेमाल कर कम से कम जोखिम में ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया.

पहली ही रात ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, स्कैल्प एयर-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल और क्रिस्टल मेज जैसी आधुनिक मिसाइलों की बौछार ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के हेडक्वार्टर को मलबे में तब्दील कर दिया. एक अनुमान के मुताबिक, इन हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक और सहयोगी मारे गए.

 

पाकिस्तान के मुजफराबाद में भारतीय मिसाइलों से हुई तबाही का मंजर
पाकिस्तान के मुजफराबाद में भारतीय मिसाइलों से हुई तबाही का मंजर

वो चार दिन जब पाकिस्तान घुटनों पर आया

भारत के हमले के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उसके ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. अगले चार दिनों यानी 7 से 10 मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' ने सीमित पलटवार से आगे बढ़कर एक पूर्ण सैन्य अभियान का रूप ले लिया.

10 मई को भारत ने ऑपरेशन का सबसे निर्णायक दांव चला. ब्रह्मोस मिसाइलों की एक बौछार ने पाकिस्तान की उत्तरी वायु कमान के हेडक्वार्टर, रावलपिंडी स्थित चकलाला/नूर खान एयरबेस को तहस-नहस कर दिया. इस हमले ने वहां के संचार और कमांड नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया, जिससे पाकिस्तान की उत्तरी वायु सेना 'अंधी' हो गई.

इसी दिन, भारत ने भोलारी, सुक्कुर, जैकबाबाद, मुरीद और सरगोधा जैसे 11 बड़े पाकिस्तानी एयरबेसों पर कुल 19 बार ब्रह्मोस मिसाइलों से हमले किए. इसके साथ ही S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से पाकिस्तानी ड्रोन और विमानों को मार गिराया गया. चार दिनों में पाकिस्तान वायु सेना को 3.35 बिलियन डॉलर (लगभग 28,500 करोड़ रुपये) से ज्यादा का नुकसान हुआ.

 

पाकिस्तान में भारतीय मिसाइल के हमले का दृश्य
पाकिस्तान में भारतीय मिसाइल के हमले का दृश्य

अमेरिका का दखल और वो 'बैक चैनल' वार्ता

यह युद्ध सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ा गया, बल्कि इसका एक गर्म मोर्चा वाशिंगटन डी.सी. में भी खुला था. हाल ही में सार्वजनिक हुए अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA) दस्तावेजों ने खुलासा किया है कि जहां भारत ने कूटनीतिक रणनीति अपनाई, वहीं पाकिस्तान ने अमेरिका से दखल देने की गुहार लगाई.

भारत ने पहले ही दिन से अमेरिकी प्रशासन को आगाह कर दिया था कि यह एक आतंक-विरोधी अभियान है और भारत किसी तीसरे पक्ष के दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा. दूसरी ओर, पाकिस्तान के राजदूत समेत अन्य राजनयिकों ने चार दिनों में 60 से ज्यादा बार अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क साधा. भारत की कार्रवाई रुकवाने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका को निवेश और विशेष पहुंच जैसे प्रलोभन तक दिए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार युद्धविराम का श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया कि यह पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व की ओर से स्थापित सैन्य चैनल के जरिए मांगे गए संघर्ष विराम का नतीजा था.

पाकिस्तान में तबाही के निशान: साल बाद भी नहीं भरे जख्म

'ऑपरेशन सिंदूर' को एक साल पूरा होने पर भी पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर तबाही के निशान साफ दिखाई देते हैं. पाकिस्तानी एयरबेसों की सैटेलाइट तस्वीरों में पता चलता है कि ज्यादातर जगहों पर मरम्मत का काम अभी भी जारी है. इनमें भोलारी, मुरीद, सुक्कुर और रहीम यार खान के एयरबेस शामिल हैं. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि भोलारी एयरबेस के हैंगर पर अभी तक छत नहीं डाली जा सकी है और कई जगहों पर क्षतिग्रस्त ढांचों को पहले गिराना पड़ा.

एक साल बाद: बढ़ते जोखिम और नई अस्थिरता

एक साल बाद, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दूरगामी नतीजे सामने आ रहे हैं. भारत ने इस अभियान से सीख लेते हुए अपनी सैन्य क्षमता में भारी निवेश किया है. सरकार ने रूस से 5 और S-400 मिसाइल सिस्टम, फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान और अमेरिका से 6 पी-8आई निगरानी विमानों की खरीद को मंजूरी दी है. इसके अलावा, 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए गए हैं.

रणनीतिक रूप से इस ऑपरेशन ने सब्र और प्रतिक्रिया की पुरानी परिभाषाएं बदल दी हैं. द डिप्लोमैट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब किसी भी नए आतंकी हमले के बाद बातचीत की गुंजाइश न के बराबर रह गई है. दोनों देशों के बीच युद्ध की दहलीज काफी नीचे आ गई है.

अपनी पहली सालगिरह पर भारत 'ऑपरेशन सिंदूर' को सिर्फ एक सैन्य विजय के रूप में नहीं मना रहा है. यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि भारत ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक ऐसी लाल रेखा खींच दी है, जिसे पार करने की कीमत किसी भी दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल होगी.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पताल में नर्स की संदिग्ध मौत, वॉशरूम में मिली लाश
पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पताल में नर्स की संदिग्ध मौत, वॉशरूम में मिली लाश
Xप्लेन: जस्टिस वर्मा का जाना तय! इम्पीचमेंट या इस्तीफा होगा मंजूर? समझें वकीलों की जुबानी
जस्टिस वर्मा का जाना तय! इम्पीचमेंट या इस्तीफा होगा मंजूर? समझें वकीलों की जुबानी
'मैं RSS की भी रक्षा करूंगा, जब...', राहुल गांधी का बड़ा बयान
'मैं RSS की भी रक्षा करूंगा, जब अभिव्यक्ति पर हमला होगा', राहुल गांधी का बड़ा बयान
शुभेंदु सरकार ने BJP सांसद अनंत महाराज से वापस लिया सम्मान, नेताजी पर टिप्पणी पड़ी भारी
शुभेंदु सरकार ने BJP सांसद अनंत महाराज से वापस लिया सम्मान, नेताजी पर टिप्पणी पड़ी भारी

वीडियोज

Pawan Singh की शादी पर Radhe Maa का बड़ा Prediction, 45 की उम्र में मिलेगी Loving Wife!
Ramayana के VFX Trolls पर Ranbir Kapoor का जवाब, बोले- लोग CG Critics बन गए हैं
Pati Brahmachari:😍Isha-Suraj के बीच दिखी केमिस्ट्री, पर इस खुशी के पीछे का राज क्या? #sbs
Bollywood News: संजू-सलमान की जोड़ी! फिल्म में सलमान खान और संजय दत्त का धमाकेदार स्पेशल एक्शन कैमियो देखने को मिलेगा (13.08.26)
Batwara 1947 vs Awarapan 2: Screens की लड़ाई में कौन मारेगा बाजी?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
PM मोदी ने हमले के बाद सुखबीर बादल का जाना हाल, पत्नी हरसिमरत कौर को किया फोन
PM मोदी ने हमले के बाद सुखबीर बादल का जाना हाल, पत्नी हरसिमरत कौर को किया फोन
भरत तिवारी का एनकाउंटर फेक था? नौकरी के ऐलान से निशाने पर सम्राट सरकार
भरत तिवारी का एनकाउंटर फेक था? नौकरी के ऐलान से निशाने पर सम्राट सरकार
Box office Collection: 19 साल पहले भी हो चुकी सनी देओल-इमरान हाशमी की टक्कर, जानें किसने मारी थी बाजी
19 साल पहले भी हो चुकी सनी देओल-इमरान हाशमी की टक्कर, जानें किसने मारी थी बाजी
अफगानिस्तान चाहता है गणेश चतुर्थी पर हो मैच, शेड्यूल बदलने की मांग; जानें क्या है वजह
अफगानिस्तान चाहता है गणेश चतुर्थी पर हो मैच, शेड्यूल बदलने की मांग; जानें क्या है वजह
खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर भड़कीं प्रियंका गांधी, देशभर में कांग्रेस करेगी सत्याग्रह
खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर भड़कीं प्रियंका गांधी, देशभर में कांग्रेस करेगी सत्याग्रह
भीषण बिजली संकट में बांग्लादेश, पावर स्टेशन पर हमला, भारत से लगाई गुहार
भीषण बिजली संकट में बांग्लादेश, पावर स्टेशन पर हमला, भारत से लगाई गुहार
NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल
NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल
'फैसला लीजिए, नहीं तो...', फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार
'फैसला लीजिए, नहीं तो...', फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार
Embed widget