Coronavirus: केंद्र सरकार ने मोबाइल लैब की शुरुआत की, दूर-दराज के इलाकों में जाकर करेगी टेस्ट
इस मोबाइल लैब कोरोना टेस्टिंग सुविधा के साथ ही टीबी और एचआईवी की जांच की जा सकती है. यह मोबाइल वैन दूर दराज के इलाकों में जाएगी.

नई दिल्लीः भारत में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है. इस बीच केंद्र सरकार ने कोरोना टेस्टिंग की क्षमता काफी बढ़ा दी है. इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली कोरोना टेस्टिंग मोबाइल लैब की शुरुआत की है. ये मोबाइल टेस्टिंग लैब देश के दूर-दराज के इलाकों में जाएगी और टेस्टिंग करेगी. इस मोबाइल लैब में ना सिर्फ कोरोना की टेस्टिंग सुविधा है बल्कि यह टीबी और एचआईवी की जांच भी कर सकती है.
इस मोबाइल लैब को इनफेक्शियस डिजीज डायग्नोस्टिक (Infectious Disease Diagnostic) लैब यानी I-LAB नाम दिया गया है. इस मोबाइल टेस्टिंग लैब में एक दिन में 25 RT-PCR टेस्ट, 300 ELISA टेस्ट हो सकते हैं.
इसे खास तौर पर दूर दराज के इलाके में भेजने और टेस्टिंग के लिए बनाया गया है. भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से इसे तैयार किया है. बता दें कि भारत में कोरोना की जांच के लिए एक फरवरी तक सिर्फ एक लैब थी लेकिन आज 953 सरकारी और प्राइवेट लैब हैं. वहीं इन लैब में टेस्टिंग की सुविधा के चलते भारत में रोज़ाना तीन लाख टेस्ट की क्षमता हो गई है.
इस मोबाइल टेस्टिंग लैब को आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''हमने कोविड टेस्टिंग की लड़ाई 1 फरवरी को एक लैब के साथ शुरू की थी. आज देश भर में हमारे पास 953 लैब हैं. इन 953 में से लगभग 699 सरकारी लैब हैं. दूर-दराज के क्षेत्रों में टेस्ट की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे इंनोवेशन विकसित किए गए हैं."
भारत में अब तक टेस्टिंग के लिए 62,49,668 सैंपल लिए जा चुके है. वहीं पिछले 24 घंटे में 1,65,412 सैंपल लिए गए हैं. इस समय भारत में 953 लैब हैं जहां टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है जिसमें से 699 सरकारी लैब हैं जबकि 254 प्राइवेट लैब हैं.
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