'हम सब बांग्लादेशी, सबको समान राइट्स पर हम दुश्मन...', हिंदुओं पर हमलों के बीच अल्पसंख्यक धर्मगुरुओं से मिले मोहम्मद यूनुस
मोहम्मद यूनुस ने कहा कि संविधान ने हर बांग्लादेशी को समान अधिकार दिए हैं, चाहे वो अल्पसंख्यक हो या बहुसंख्यक. सबको अपने धर्म का पालन करने, बोलने और काम करने का अधिकार है.

बांग्लादेश में हिंदुओं और मंदिरों पर हो रहे हमलों के बीच देश के मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार (5 दिसंबर, 2024) को अल्पसंख्यक धर्मगुरुओं से मुलाकात की. उन्होंने धर्मगुरुओं से कहा कि हमारे बीच मतभेद हैं, लेकिन हम एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम सब एक ही देश के नागरिक हैं, हम सब बांग्लादेशी हैं और एक ही परिवार के सदस्य हैं. मोहम्मद यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, हालात वैसे नहीं हैं, जितने मीडिया रिपोर्ट्स में बढ़ा-चढ़ा कर बताए जा रहे हैं.
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार डॉ. मोहम्मद यूनुस ने कहा कि मीडिया में कुछ सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनके जवाब ढूंढने के लिए हम सब इकट्ठा हुए हैं. बैठक की शुरुआत में मोहम्मद यूनुस ने कहा, 'हमारे बीच मतभेद हैं, लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं. मरे आज यहां होने की वजह ये है कि मीडिया में कुछ सवाल उठाए जा रहे हैं और उनका जवाब ढूंढने के लिए मैं आपके साथ यहां बैठा हूं.' बैठक में उन्होंने उनके सत्ता में आने से पहले एयरपोर्ट पर दिए अपना बयान याद करते हुए कहा, 'मैंने कहा था कि हम एक परिवार हैं. हमारे विचार, धर्म और रीतिरिवाज अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन हम सब एक ही परिवार के सदस्य हैं. जब बात हमारी पहचान की आती है तो हम सब बांग्लादेशी ही बुलाए जाते हैं, जो एक ही परिवार के सदस्य हैं.'
उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर के तौर पर शपथ लेने के बाद अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के बारे में सुना तो बहुत परेशान हो गया. डॉ. मोहम्मद यूनुस ने आगे कहा, 'अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के बारे में सुनने के तुरंत बाद मैं ढाकेश्वरी मंदिर गया और मैंने फिर यही बात कही कि हम सब एक ही परिवार के सदस्य हैं. तमाम मांगों के बावजूद, एक बात साफ है कि हम सबके अधिकार एकसमान हैं- चाहे वो बोलने का अधिकार हो, अपने धार्मिक अनुष्ठानों को करने का अधिकार हो या काम करने का अधिकार हो. इन अधिकारों की गारंटी संविधान हमें देता है.'
बैठक में उन्होंने दुर्गा पूजा और उस दौरान होने वाले कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा देश का राष्ट्रीय उत्सव बन गया है और ये जानकर मुझे अनुभूति की उपलब्धि महसूस हुई कि हमने इसमें योगदान दिया. हालांकि, अब लोकल और विदेशी मीडिया में हमलों की खबरें सुनने को मिल रही हैं और बांग्लादेश की सरकार उनकी जांच भी कर रही है. मोहम्मद यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश में हालात उतने खराब हैं नहीं जितना बढ़ा-चढ़ा कर उन्हें दिखाया जा रहा है. ये रिपोर्ट असंगत और अस्वीकार्य हैं.
उन्होंने अल्पसंख्यक नेताओं से कहा कि हमें इस विसंगति को दूर करने की जरूरत है कि क्या गलत जानकारी फैलाई जा रही है या फिर ये जानकारी सही है? सच क्या है इसका पता लगाना होगा? उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सही जानकारी का पता होना जरूरी है क्योंकि सिर्फ सरकारी स्त्रोतों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्हें सत्ता में बैठे लोग कंट्रोल करते हैं. मोहम्मद यूनुस ने कहा, 'सबसे पहले उनका पता लगाने की जरूरत है, जो इस तरह का माहौल पैदा कर रहे हैं. अगर ऐसा हो रहा है तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत है और ज्यादातर लोग मेरी इस राय से सहमत होंगे. हमें जानकारी निवारण को ध्यान में रखते हुए सामूहिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए.'
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