एक्सप्लोरर

गृह मंत्रालय संभालते ही अमित शाह ने कहा- देश की सुरक्षा पहली प्राथमिकता, जानें शाह के सामने क्या हैं चुनौतियां

आज गृहमंत्रालय में कार्यभार संभालने के बाद अमित शाह ने अपनी प्राथमिकता बता दी. शाह का आज गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री किशन रेड्डी और नित्यानंद राय ने स्वागत किया और उनको मंत्रालय के बाकी अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलाया.

नई दिल्ली: मोदी सरकार-टू में नंबर-टू की हैसियत मिलने के बाद अमित शाह एकाएक सुर्खियों में आ गए हैं. अमित शाह की लीक से हटकर काम करने वाले नेता और बेहतरीन टास्क मास्टर की छवि रही है, इसलिए माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको गृह मंत्री बनाकर कुछ बड़े मुद्दों पर सख्ती के साफ संकेत दे दिए हैं. आज गृहमंत्रालय में कार्यभार संभालने के बाद अमित शाह ने अपनी प्राथमिकता बता दी. अमित शाह ने गृहमंत्रालय पहुंचने के बाद पहले ट्वीट में लिखा कि देश की सुरक्षा और देशवासियों का कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अमित शाह का आज गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री किशन रेड्डी और नित्यानंद राय ने स्वागत किया और उनको मंत्रालय के बाकी अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलाया.

अमित शाह ने लिखा, ''आज भारत के गृह मंत्री के रूप में पदभार संभाला. मुझ पर विश्वास प्रकट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करता हूं. देश की सुरक्षा और देशवासियों का कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, मोदी जी के नेतृत्व में मैं इसको पूर्ण करने का हर सम्भव प्रयास करूंगा.'' अमित शाह को गृह मंत्रालय का जिम्मा दिया जाना कोई मामूली संकेत नहीं है. सरकार में गृह मंत्री का पद को वैसे भी दूसरे नंबर का माना जाता है. यानी अमित शाह सरकार में प्रधानमंत्री मोदी के बाद रुतबे वाले दूसरे सबसे ताकतवर मंत्री होंगे. जिनके ऊपर देश की आतंरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमा सुरक्षा की भी जिम्मेदारी होगी.

शाह के सामने धारा 370 और 35A खत्म करने और साथ ही नक्सलवाद से मुक्ति जैसे बड़े मुद्दों को सुलझाने की चुनौती है. अमित शाह के गृह मंत्री बनते ही सार्वजनिक विमर्श में अचानक कश्मीर मुद्दे की गूंज सुनाई देने लगी है.उसमें भी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है जम्मू कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 की. जोकि एक बार फिर से बहस के केंद्र में आ गया है. चर्चा ये हो रही है कि बतौर गृह मंत्री अमित शाह क्या अनुच्छेद 370 को खत्म करवाने की प्रक्रिया शुरू करवा सकते हैं?

अनुच्छेद 370 को लेकर ये चर्चायें यूं हीं नहीं उठी हैं, अमित शाह खुद अपनी चुनावी रैलियों में कई जगह ये बात कह चुके हैं. बीजेपी ने तो अपने चुनावी घोषणापत्र में भी इसका साफ-साफ जिक्र किया है. बीजेपी के संकल्प पत्र में लिखा है कि हम अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए जनसंघ के समय से उठाई जा रही मांग को दोहराते हैं. हम भारत के संविधान के अनुच्छेद 35A को रद्द करने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि ये प्रावधान जम्मू-कश्मीर के बाहर के निवासियों और महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण है. हालांकि अनुच्छेद 35-ए का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, लेकिन अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद अनुच्छेद-370 को लेकर कुछ आवाजें बुलंद होने लगी हैं क्योंकि इस मामले में उनके मंत्रालय का अहम रोल है. इसका मतलब ये है कि आने वाले दिनों में मोदी सरकार अगर कश्मीर के मसले पर कोई बड़ा फैसला लेती है. तो अमित शाह की उसमें अहम भूमिका होने वाली है.

अमित शाह के एजेंडे में सिर्फ कश्मीर ही नहीं है, वो नक्सलवादी हिंसा भी है जोकि हमारे सुरक्षाबलों और आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है. नक्सलवादी हिंसा पर मोदी सरकार का रुख सख्त रहा है लेकिन अब भी नक्सली हिंसा को पूरी तरह से खत्म करना एक बडा चैलेंज है. हालांकि बीते पांच सालों में नक्सल हिंसा में यूपीए सरकार की तुलना में कमी आई है. 2014 में जहां 16 राज्य और 161 जिले नक्सल प्रभावित थे, वहीं मई 2019 तक देश के कुल 11 राज्य और 90 जिले इसकी चपेट में हैं. इन वारदातों में मारे जाने वाले आम नागरिकों और सुरक्षाबलों के जवानों की संख्या में भी कमी आई है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि नक्सलवाद अभी भी देश के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.

बतौर गृह मंत्री अमित शाह के लिए एक बड़ी चुनौती है नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स यानी एनआरसी को लागू कराना. असम समेत उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में NRC को लेकर भारी बवाल हो चुका है. पिछले साल सिटीजनशिप रजिस्टर के ड्राफ्ट में 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम नहीं थे, जिसके बाद तूफान खड़ा हो गया था. सुप्रीम कोर्ट सरकार से पहले ही कह चुका है कि इस सिलसिले में हो रहे दावों और आपत्तियों का निपटारा 31 जुलाई तक करें. चुनावी रैलियों के दौरान अमित शाह एनआरसी को सख्ती से लागू करने और बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने की बातें कई बार कर चुके हैं.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनका इस मुद्दे पर टकराव भी हो चुका है.

अमित शाह चुनावी रैलियों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर तो कहते ही रहे हैं. पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में भी वो एनआरसी पर अपना रुख पहले ही साफ कर चुके हैं. बीजेपी का घोषणापत्र कहता है कि भविष्य में हम नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स को चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य हिस्सों में भी लागू करेंगे. अब तक तो ये तमाम नारे, तमाम वादे सिर्फ चुनावी बातें नजर आ रहे थे, लेकिन अमित शाह को गृह मंत्री बनाए जाने के बाद से सूरत बदली हुई दिख रही है. कश्मीर में अनुच्छेद 370 से लेकर NRC और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों का मसला एकाएक फोकस में आ गया है.अब सारी नजरें देश के सबसे शक्तिशाली मंत्री अमित शाह की ओर हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

AI समिट शर्टलैस प्रोटेस्ट: कांग्रेस के 10 में से 9 कार्यकर्ताओं को जमानत, कोर्ट ने एक को पुलिस कस्टडी में भेजा
AI समिट प्रोटेस्ट: कांग्रेस के 9 कार्यकर्ताओं को जमानत, कोर्ट ने एक को पुलिस कस्टडी में भेजा
Israel-Iran War: इजरायल और अमेरिकी हमले में खामेनेई की मौत पर भड़के ओवैसी, AIMIM चीफ ने मोदी सरकार से कर दी ये डिमांड
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भड़के ओवैसी, AIMIM चीफ ने मोदी सरकार से कर दी ये डिमांड
नामपल्ली कोर्ट में खुद पहुंचे CM रेवंत रेड्डी; 7 साल पुराने केस में दी हाजिरी
नामपल्ली कोर्ट में खुद पहुंचे CM रेवंत रेड्डी; 7 साल पुराने केस में दी हाजिरी
पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने पर तालिबानी ड्रोन हमले के बाद सेना में दहशत, नमाज पढ़ रहे अपने ही नागरिकों को पुलिस ने उठाया
पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने पर तालिबानी ड्रोन हमले के बाद सेना में दहशत, नमाज पढ़ रहे अपने ही नागरिकों को पुलिस ने उठाया

वीडियोज

Khamnei Death: Trump को खुली धमकी..खामेनेई की मौत से गुस्से में ईरान | Iran Israel War | Khamenei
Iran Israel War: खामेनेई की मौत से भड़का ईरान, सड़कों पर तांडव! | Khamenai Death | War News
महाविनाश की सबसे बड़ी 'सनसनी' !
Israel Iran War: विश्व तनाव चरम पर, ईरान-इज़राइल संघर्ष और मिसाइल हमलों की चेतावनी | Netanyahu
Sandeep Chaudhary: Khamenei को ट्रेस कर रहा था America..खुला राज! | Iran Israel War | Trump

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
सेमीफाइनल की चारों टीमें तय, भारत का इंग्लैंड से होगा मुकाबला; जानें किसने किसने किया है क्वालीफाई
सेमीफाइनल की चारों टीमें तय, भारत का इंग्लैंड से होगा मुकाबला; जानें किसने किसने किया है क्वालीफाई
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
Voting Rights Prisoners: इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
Embed widget