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मदरसों पर बयान देने वाले वसीम रिजवी को दाऊद गैंग ने दी धमकी
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी परेशानियों से घिरे नजर आ रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय आतंकी दाऊद इब्राहिम के गैंग की ओर से उन्हें धमकी वाला कॉल आया है.

नई दिल्ली: शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी परेशानियों से घिरे नजर आ रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय आतंकी दाऊद इब्राहिम के गैंग की ओर से उन्हें धमकी वाला कॉल आया है. रिजवी ने मदरसा शिक्षा पर सवाल खड़ा किया था जिसके बाद से वे निशाने पर बने हुए हैं. लखनऊ में रिजवी ने मामला दर्ज कराया है कि उन्हें दाऊद की ओर से धमकियां मिल रही हैं. एसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि धारा 507 के तहत जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है. जानकारी मिली है कि जिस नंबर से रिजवी के पास फोन आया था वह नेपाल का है. सआदतगंज थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है. जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने भेजा कानूनी नोटिस मुसलमानों के प्रमुख सामाजिक संगठन जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को कानूनी नोटिस भेजकर उनसे 20 करोड़ रुपये बतौर हर्जाना मांगा हैं. जमीयत उलमा-ए-हिन्द की महाराष्ट्र इकाई ने रिजवी को यह नोटिस जारी किया है. महाराष्ट्र इकाई के सचिव गुलजार अहमद आजमी ने आज बताया कि शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रिजवी ने मदरसों को आतंकवाद और कट्टरवाद से जोड़कर उनका अपमान किया है. इसके लिये उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया है.
क्या है मामला वसीम रिजवी ने आठ जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मदरसों को ‘मानसिक कट्टरवाद‘ को बढ़ावा देने वाला बताते हुए उन्हें स्कूल में तब्दील करने और उनमें इस्लामी शिक्षा को वैकल्पिक बनाने का अनुरोध किया था. रिजवी ने पत्र में कहा था कि मदरसों में शिक्षा ग्रहण कर रहे मुस्लिम बच्चों का शैक्षणिक स्तर इतना गिरा हुआ है कि वे समाज से दूर होकर कट्टरपंथ की तरफ बढ़ रहे हैं. मदरसे कट्टरपंथियों से प्रेरित हैं. मदरसों ने भारतीय मुसलमानों के बीच ऐसा माहौल पैदा किया है जो उन्हें सरकार और दूसरे धर्म निरपेक्ष स्कूलों से दूर रख रहा है.
क्या है मामला वसीम रिजवी ने आठ जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मदरसों को ‘मानसिक कट्टरवाद‘ को बढ़ावा देने वाला बताते हुए उन्हें स्कूल में तब्दील करने और उनमें इस्लामी शिक्षा को वैकल्पिक बनाने का अनुरोध किया था. रिजवी ने पत्र में कहा था कि मदरसों में शिक्षा ग्रहण कर रहे मुस्लिम बच्चों का शैक्षणिक स्तर इतना गिरा हुआ है कि वे समाज से दूर होकर कट्टरपंथ की तरफ बढ़ रहे हैं. मदरसे कट्टरपंथियों से प्रेरित हैं. मदरसों ने भारतीय मुसलमानों के बीच ऐसा माहौल पैदा किया है जो उन्हें सरकार और दूसरे धर्म निरपेक्ष स्कूलों से दूर रख रहा है. और पढ़ें
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