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साल के बीच में क्यों जरूरी है रिजोल्यूशन का रिमाइंडर? जानिए एक्सपर्ट की राय

साल की शुरुआत जनवरी में लिए गए रिजोल्यूशन के लिए जुलाई का महीना खुद को फिर से परखने का समय है. अगर कुछ छूट गया है तो डरें नहीं, अब भी बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है.

अगर आपके भी जनवरी के महीने में किए गए रिजोल्यूशन अभी तक अधूरे रह गए है तो निराश होने की जरूरत नहीं है. साल का मिड पॉइंट यानी जुलाई का महीना हमें एक शानदार नया मौका देता है रुककर सोचने का, पुरानी चीजों को परखने का और फिर से शुरुआत करने का. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह समय रिजोल्यूशन रिमाइंडर के रूप में काम कर सकता है. जहां हम नए जोश के साथ अपनी प्राथमिकताओं को दोबारा तय कर सकते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताएंगे कि रिजोल्यूशन का रिमाइंडर साल के बीच में क्यों जरूरी है और एक्सपर्ट इसे लेकर क्या कहते हैं.

नए साल का इंतजार क्यों? अभी से सुधार शुरू करें

नए बदलाव की शुरुआत केवल 1 जनवरी से हो यह तो जरूरी नहीं होता है. यह सोच अब पुरानी भी हो चुकी है. आपके ज्यादातर टारगेट ऐसे होते हैं जो किसी कैलेंडर से नहीं चलते हैं. वहीं असली सवाल यह होना चाहिए कि अब आप बदलाव क्यों चाहते हैं और क्या करना चाहते हैं, न कि आप उसे कब दोबारा शुरू कर रहे हैं. ऐसे में आपने जो साल की शुरुआत में रिजोल्यूशन लिए थे, अगर उन्हें पूरे नहीं कर पाए तो नए साल का इंतजार करने के बजाय आप मिड पॉइंट यानी जुलाई के इस महीने से ही वह रिजोल्यूशन फिर से शुरू कर सकते हैं.

सबसे पहले अपने टारगेट को समझें और सोचे

कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जब हम कोई टारगेट तय करते हैं तो अक्सर अपनी प्रेजेंट कंडीशन या बदलती परिस्थितियों को नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसे में हर टारगेट को समय-समय पर रिव्यू करना चाहिए. जैसे क्या यह अभी भी जरूरी है और क्या इसमें बदलाव की जरूरत है. अगर आपके टारगेट अभी भी जरूरी है तो आप उन्हें आज ही फिर से शुरू कर सकते हैं.

छोटे-छोटे बदलाव बड़ी जीत

साल के मिड पॉइंट जुलाई में रिजोल्यूशन को लेकर आप सबसे पहले अपने दो सबसे जरूरी टारगेट का स्कोर कार्ड बनाएं. इसके बाद उस टारगेट के अनुसार हर हफ्ते खुद को स्कोर दें. इसमें बदलाव की प्रक्रिया एक गेम जैसी लगने लगती है. छोटे बदलावों को अगर लगातार और इरादे के साथ किया जाए तो उनका असर लंबे समय तक रह सकता है.

गलतियां होती है लेकिन दोबारा शुरुआत करना भी ठीक

आपको भी इस बात को स्वीकार करना जरूरी है कि हर योजना परफेक्ट नहीं हो सकती है. अगर आप जिम नहीं जा पाए या मेडिटेशन छूट गया है तो खुद को दोष न दें. एक्सपर्ट कहते हैं कि कोई शुरुआत आप वहीं से शुरू करते हैं जहां अपने किसी काम को छोड़ा था. ऐसे में अगर आप 2025 के टारगेट में अभी तक भी पीछे रह गए हैं तो खुद पर दबाव डालने की जगह एक गहरी सांस लीजिए. इसके बाद सोचिए कि क्या जरूरी है और क्या नहीं. फिर धीरे-धीरे वापस अपनी राह पर लौटें. नया साल आने का इंतजार लिए मत कीजिए जब आप आज ही से बेहतरीन शुरुआत कर सकते हैं.

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